बिजनेस स्टैंडर्ड - डीएचएफएल घोटाला 25 हजार करोड़ का!
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डीएचएफएल घोटाला 25 हजार करोड़ का!

श्रीमी चौधरी / नई दिल्ली 02 24, 2020

दीवान हाउसिंग फाइनैंस का मामला

बिजनेस स्टैंडर्ड डीएचएफएल घोटाला 25 हजार करोड़ का!कर्ज में डूबी आवास वित्त क्षेत्र की कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनैंस (डीएचएफएल) का घोटाला 25,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्राथमिक जांच में यह खुलासा हुआ है। इससे पहले ईडी ने संदेह जताया था कि डीएचएफएल ने प्रवर्तक कपिल वधावन और धीरज वधावन से जुड़ी 79 मुखौटा कंपनियों को 12,773 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए थे। यह राशि 2010 से 2015 के बीच करीब एक लाख फर्जी उपभोक्ताओं को खुदरा ऋण की आड़ में भेजी गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक उन्हें डीएचएफएल और वधावन बंधुओं के बीच लेनदेन के कम से कम एक दर्जन नए मामलों का पता चला है। इनमें से कुछ लेनदेन प्रवर्तकों द्वारा शीर्ष पांच कंपनियों के जरिये डीएचएफएल के शेयरों की कीमतों के साथ की गई छेड़छाड़, निजी क्षेत्र के येस बैंक के साथ कुछ ऋण और निवेश, उचित कार्यवाही के बिना 30 कंपनियों को दिया गया संदिग्ध ऋण, मुंबई के कारोबारी सुधाकर शेट्टी के साथ करीबी संबंध और कुछ रियल एस्टेट सौदे से जुड़े हैं। 

येस बैंक के साथ वित्तीय संबंधों के बारे में ईडी की जांच में कहा गया है कि बैंक का डीएचएफएल डिबेंचर में अप्रैल 2018 और जून 2018 के बीच 3,700 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके अलावा येस बैंक ने धीरज वधावन की कंपनी आरकेडब्ल्यू डेवलपर को मुंबई के करीब बांदा में एक परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया था।

येस बैंक ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि बैंक की निजता नीति के तहत ग्राहक की जानकारी और उससे संबंधित लेनदेन का का खुलासा नहीं किया जा सकता है। एक मैसेज में राणा कपूर ने कहा कि आरोप झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं।

ईडी अंडरवर्ल्‍ड सरगना इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची को पैसे देने के मामले में डीएचएफएल के प्रवर्तकों की भूमिका की जांच कर रहा है। एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि अब कंपनी के हरेक वित्तीय लेनदेन की कडिय़ों को जोड़ा जा रहा है। डीएचएफएल के शेयरों की कीमतों में छेड़छाड़ के आरोपों के बारे में ईडी के अधिकारियों ने कहा कि प्रवर्तकों ने कुछ प्रमुख कंपनियों के जरिये इसे अंजाम दिया और करीब 4,000 करोड़ रुपये का गबन किया। इन कंपनियों में राइट डेवलपर्स, राइट बिल्डटेक, मैन इन्फ्रास्ट्रक्चर्स इन्फीनियम इंडिया और बसंत मार्केटिंग शामिल हैं। ये कंपनियां मुंबई और अहमदाबाद में हैं। इसके अलावा डीएचएफएल ने कम से कम 30 कंपनियों को आवास वित्त कंपनी के नियमों के तहत उचित कार्यवाही किए बिना करीब 5,000 करोड़ रुपये का ऋण दिया। 

अधिकारी ने कहा, 'हम दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं और हमें संदेह है कि यह पूरा घोटाला 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।'  इसके अलावा ईडी शेट्टी और वधावन परिवार के साथ संबंधों की भी जांच कर रहा है। वे मिलकर एक रियल एस्टेट परियोजना को विकसित कर रहे हैं जिसके लिए डीएचएफएल ने फ्लोर स्पेस इंडेक्स के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया था जिसकी मूल लागत 40 करोड़ रुपये थी।  ईडी साथ ही वधावन परिवार के नियंत्रण वाली आठ कंपनियों को 250 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने और इसके बदले फर्जी खाते खाने के आरोपों की भी जांच कर रहा है। साथ ही 1317 करोड़ रुपये क्रिएटॉज बिल्डर्स को हस्तांतरित किए गए जो वधावन परिवार की मुखौटा कंपनी है।  इस बीच ईडी ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों की भविष्य निधि की राशि को डीएचएफएल में निवेश करने के मामले में सोमवार को तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान दिल्ली, नोएडा और लखनऊ में चलाया गया। 
Keyword: DHFL, housing loan, real estate, scam, ED,,
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