बिजनेस स्टैंडर्ड - वोडा आइडिया की चूक से बढ़ेगा घाटा
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वोडा आइडिया की चूक से बढ़ेगा घाटा

पुनीत वाधवा / मुंबई February 17, 2020

वोडाफोन आइडिया की तरफ से समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाए के भुगतान में संभावित चूक और कंपनी का परिचालन बंद होने की संभावना का दूरसंचार और बैंकिंग उद्योग पर गंभीर असर पड़ेगा। साथ ही बड़े कर्ज के भुगतान में चूक, नौकरियों का नुकसान और ग्राहकों की मुसीबत से अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी क्योंकि दूरसंचार कंपनी के बंद होने का जोखिम है। वोडा-आइडिया की तरफ से चूक और कंपनी बंद होने के मामले में विश्लेषकों का कहना है कि इस वजह से भारत का राजकोषीय घाटा 40 आधार अंक तक बढ़ सकता है। इस साल आम बजट पेश करते समय सरकार ने वित्त वर्ष 2021 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.8 फीसदी और वित्त वर्ष 2020 में 3.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।
 
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संस्थागत इक्विटी) गौतम दुग्गड़ ने एक नोट में कहा है, वोडा आइडिया पर सकल कर्ज 1.2 लाख करोड़ रुपये का है, जिसमें से करीब 900 अरब रुपये स्पेक्ट्रम का सरकारी कर्ज है और बाकी 250 अरब रुपये बैंकों का कर्ज है। इतनी बड़ी रकम के भुगतान में चूक से भारत का राजकोषीय घाटा करीब 40 आधार अंक बढ़ सकता है और अदालत में मुकदमा जीतने के बाद भी सरकार की प्राप्तियों पर भारी असर पड़ सकता है।  इस सामाजिक असर और भी गहरा हो सकता है क्योंकि 30 करोड़ ग्राहक नेटवर्क बंद होने आदि से मुसीबत का सामना कर सकते हैं। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वोडा आइडिया में करीब 13,500 कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटकी हुई है। यह प्रत्यक्ष असर है, वहीं अप्रत्यक्ष तौर पर कई वेंडरों और हितधारकों की स्थिति और भी खराब हो सकती है।
 
दुग्गड़ ने कहा, विडंबना यह है कि अदालत में जीत हासिल करने के बावजूद सरकार को 900 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम कर्ज के जरिए बड़े असर का सामना करना पड़ सकता है। एजीआर की देनदारी पर कुछ राहत के बाद भी वोडा आइडिया को परिचालन की नकदी के जरिये कर्ज चुकाने व पूंजीगत खर्च की जरूरतेंं पूरी करने में मुश्किल होगी।  पिछले हफ्ते भुगतान में तेजी लाने के फैसले से कंपनियां व बाजार आश्चर्यचकित हुए। ज्यादातर विश्लेषकों को उम्मीद थी कि सरकार भुगतान की समयसीमा में नरमी बरत सकती है और कंपनियोंं को रकम जुटाने के लिए समय दे सकती है।
 
भारती एयरटेल को फायदा
 
ज्यादातर विश्लेषकों का नजरिया भारती एयरटेल को लेकर तेजी का है। उनका मानना है कि कंपनी बेहतर स्थिति में है और मार्च तक पूरी रकम का भुगतान कर सकती है। जेफरीज के विश्लेषक पीयूष नाहर ने कहा है, वोडा आइडिया अगर एनसीएलटी जाती है तो भारती को काफी ज्यादा बाजार हिस्सेदारी का फायदा होगा। कंपनी हालांकि अल्पावधि में बढ़ती लागत व पूंजीगत खर्च का सामना कर सकती है। वोडा आइडिया को अगर राहत मिलती है तो उसे भी बाजार हिस्सेदारी का फायदा होगा, लेकिन मूल्यांकन में बढ़ोतरी सीमित रहेगी। और स्पष्टता आने तक हम इसमें निवेश बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
 
मोतीलाल ओसवाल के दुग्गड़ का कहना है कि दो कंपनियों वाले बाजार की स्थिति में भारती 100 अरब रुपये अतिरिक्त एबिटा अर्जित कर सकती है, यह मानते हुए कि उसे 40 फीसदी राजस्व हिस्सेदारी आदि हासिल होगी।11.8 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक व 3.8 अरब जीबी डेटा ट्रैफिक से भारती व रिलायंस जियो का ट्रैफिक वॉल्यूम करीब 30-40 फीसदी बढ़ सकता है। 10 गुने एबिटा पर भारती एयरटेल का शेयर 825 रुपये पर पहुंच सकता है।
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