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फिर महंगी होंगी दूरसंचार सेवाएं!

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली February 17, 2020

दूरसंचार उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बढ़े हुए शुल्क के लिए तैयार रहना होगा। इसकी वजह यह है कि दूरसंचार कंपनियां वर्ष 2021 तक औसत राजस्व प्रति ग्राहक (एआरपीयू) दोगुना करने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।  दूरसंचार सेवा-प्रदाताओं के संगठन भारतीय सेल्युलर ऑपरेटर संघ (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यू कहते हैं, 'हमने पहले ही संकेत दिया था कि सेवाओं के शुल्क उस स्तर तक बढ़ेंगे कि 2020 के अंत तक प्रति ग्राहक न्यूनतम 200 रुपये का औसत राजस्व मिले और 2021 तक यह बढ़कर 300 रुपया हो जाए। सेवाओं का शुल्क बढऩे से उपभोक्ताओं के उपभोग में कमी आ सकती है लेकिन कुल ग्राहकों की संख्या पर इसका फर्क नहीं पड़ेगा।'
 
मार्च 2019 में औसत राजस्व प्रति ग्राहक 113 रुपये था और इस वित्त वर्ष के अंत तक इसमें करीब 77 फीसदी की वृद्धि होने से दूरसंचार कंपनियों का अपना कर-पश्चात लाभ मार्जिन 10 फीसदी की सकारात्मक दर तक जा सकता है जबकि मार्च 2019 में यह 18 फीसदी के नकारात्मक स्तर पर था।  इस गणना में दूरसंचार सेवाओं की लागत पुराने स्तर पर रहने के साथ ही ग्राहकों की संख्या बरकरार रहने और डेटा शुल्क में कोई वृद्धि न होने की बात मानी गई है। इसी तरीके से अगर 300 रुपये एआरपीयू के लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं तो दूरसंचार कंपनियां अपने कर-पश्चात मुनाफे पर 30-40 फीसदी मार्जिन कमा सकती हैं। हालांकि निवेश करने से इन कंपनियों का वास्तविक मार्जिन कहीं कम होगा। 
 
दूरसंचार कंपनियों ने कुछ महीने पहले ही अपनी शुल्क दरों में करीब 40 फीसदी तक की वृद्धि की थी। और अगर भारती एयरटेल के सार्वजनिक बयानों पर गौर करें तो वह अगले कुछ महीनों में 200 रुपये एआरपीयू के उसी स्तर को हासिल कर लेने की उम्मीद कर रही है जहां पर वह जियो के परिचालन शुरू होने के पहले थी। उसके बाद उसने प्रति ग्राहक 300 रुपये के औसत राजस्व का लक्ष्य हासिल करने की भी मंशा जताई है। बकाये एजीआर के तत्काल भुगतान के लिए अदालती आदेश के कारण दूरसंचार कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। ऐसे में दूरसंचार कंपनियां अधिकांश बोझ ग्राहकों के कंधों पर डालने की कोशिश करेगी। हालांकि रिलायंस जियो पर करीबी नजर रखने वाले सूत्रों का कहना है कि रिलायंस जियो एक बार फिर खेल बिगाड़ सकती है। यदि वोडाफोन आइडिया का परिचालन बंद होता है तो जियो शुल्क बढ़ाने के बजाय 50 करोड़ ग्राहकों तक पहुंचने के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। मोतीलाल ओसवाल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि वोडाफोन आइडिया के आधे-आधे ग्राहक जियो और भारती के पास जाएंगे तो वित्त वर्ष 2022 तक उनके एबिटा में क्रमश: 24 फीसदी और 28 फीसदी का इजाफा होगा।
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