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आरबीआई के रीपो ऑपरेशन को मिली अच्छी प्रतिक्रिया

अनूप रॉय / मुंबई February 17, 2020

भारतीय रिजर्व बैंक को अपने पहले लॉन्ग टर्म रीपो ऑपरेशन (एलटीआरओ) के लिए 25,000 करोड़ रुपये की पेशकश के मुकाबले करीब आठ गुना बोली मिली। आरबीआई को तीन साल वाली रीपो के लिए कुल 1,94,414 करोड़ रुपये की 63 बोलियां मिली। आरबीआई ने आनुपातिक आधार पर इन बैंकों को 25,035 करोड़ रुपये आवंटित किए। अगले हफ्ते एक साल की परिपक्वता अवधि वाला 25,000 करोड़ रुपये का एलटीआरओ होगा। एलटीआरओ तय दर (मौजूदा रीपो दर) 5.15 फीसदी पर होता है। आरबीआई की योजना अब तीन साल व एक साल की परिपक्वता अवधि के ळिए एक लाख करोड़ रुपये का एलटीआरओ अंजाम देने की है।
 
आरबीआई ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा, एलटीआरओ को लेकर प्रतिक्रिया काफी उत्साहजनक रही है। बिड-कवर अनुपात कुल बोली का 7.8 गुना रहा क्योंंकि बोली की कुल रकम एक लाख करोड़ रुपये के पास पहुंच गई। इसके लिए आवंटन आनुपातिक आधार पर किया गया। एलटीआरओ की योजना और नकद आरक्षी अनुपात में नरमी खुदरा व एमएसएमई को कर्ज में इजाफे के लिए है, जिसकी घोषणा मौद्रिक नीति के दौरान हुई थी। एलटीआरओ का कदम बैंकों के लिए फंड की लागत घटाने के लिए उठाया गया है और वह भी जमा दरों में अनावश्यक तौर पर कमी लाए बिना। उसके बाद बैंक अपनी उधारी दर कम कर सकते हैं और सस्ती दरों पर कर्ज दे सकते हैं।
 
इसके अलावा बैंक लंबी अवधि के कर्ज की दर रीपो दर के आसपास तय कर सकते हैं। अभी खुदरा कर्ज की दर रीपो दर के आसपास होती हैं, लेकिन यह दर मोटे तौर पर ओवरनाइट के लिए है। लेकिन लंबी अवधि वाले रीपो के जरिए आरबीआई वैसा बेंचमार्क बनाने में मदद कर रहा है कि बैंक इसका इस्तेमाल अपनी योजनाओं की कीमत तय करने में कर पाए। यह कहना है आईडीबीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक और ट्रेजरी प्रमुक अशोक गौतम का। गौतम ने कहा, अब हम अपने कर्ज की दर को रीपो पर तय कर सकते हैं। अब आप पहले के मुकाबले बेहतर कीमत तय कर सकते हैं क्योंकि एलटीआरओ व सीआरआर की राहत बैंकों के लिए संकेत केतौर पर हैं। 
Keyword: RBI, SBI, repo rate, loan, interest,,
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