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सलाह व वितरण का काम अलग-अलग

समी मोडक और जश कृपलानी / मुंबई February 17, 2020

बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को निवेश सलाहकार व वितरण सेवा को अलग करने के लंबे समय से रखे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उद्योग के प्रतिभागियों ने कहा, अब किसी व्यक्ति या कंपनी को निवेश योजनाओं मसलन म्युचुअल फंड, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस या वैकल्पिक निवेश फंड के लिए सलाहकारी या वितरण सेवाओं में से एक चुनना होगा। इस कदम का पूरे उद्योग पर असर होगा क्योंंकि कई कंपनियां अभी दोनों तरह की सेवाएं देती हैं। पिछले चार मौकों पर बाजार नियामक दोनों सेवाओं को अलग करने की कोशिश कर चुका है, लेकिन उद्योग से उसे मजबूत विरोध का सामना करना पड़ा था।
 
वैयक्तिक निवेश सलाहकार के पास हालांकि अलग से वितरण सेवाओं की पेशकश का विकल्प नहीं होगा, लेकिन कंपनियां तब तक ऐसा कर पाएंगी जब तक कि वह क्लाइंट के स्तर पर इन दोनों सेवाओं की अलग-अलग पेशकश कर पाएंगी।  उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज अब उन्हीं क्लाइंटों को सलाहकारी सेवाओं की पेशकश नहीं कर पाएगी, जो उसके वितरण सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। सेबी की पूर्णकालिक सदस्य माधवी पुरी बुच ने कहा, हमें जो प्रतिक्रिया मिली थी उससे पता चला कि वैयक्तिक सलाहकारों को इसकी अनुमति दिए जाने से हितों का काफी टकराव हो सकता है।
 
सेबी बोर्ड का अन्य अहम फैसला नियामक के लिए नए उत्पादों व सेवाओं की लाइव टेस्टिंग के नियामकीय ढांचे को मंजूरी रहा। नए ढांचे के तहत सेबी से पंजीकृत इकाई को खुद से या किसी तकनीकी फर्म की सेवाओं के इस्तेमाल के जरिए भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। सेबी की तरफ से मंजूर ढांचा पिछले साल जारी चर्चा पत्र पर आधारित है। सेबी के निदेशक मंडल ने 2021-21 के लिए बजट अनुमान को भी मंजूरी दी है। दिलचस्प रूप से नियामक ने सरकार के संचित निधि में सरप्लस के हस्तांतरण को ध्यान मेंं नहीं रखा गया है, जैसा कि पिछले बजट में प्रस्तावित था। सूत्रों ने कहा कि इस प्रस्ताव को अभी सरकार ने अधिसूचित नहीं किया है। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने पूंजी बाजार के कुछ मसलों पर बातचीत की : 
 
कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग को चुकाना होगा बकाया
 
कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग ने एनएसई को लिखा है कि वह अगले महीने के आखिर तक सभी बकाए का भुगतान कर देगी। त्यागी ने कहा कि प्रतिभूति व फंड के रूप में ब्रोकरकेज पर करीब 700 करोड़ रुपये बकाया है। त्यागी ने कहा, कार्वी अपनी एक सहायक की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया में है। उसने करार पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि वह मार्च के आखिर तक बकाया चुका देगी। इससे मिलने वाली रकम कमी की भरपाई के लिए पर्याप्त है। एनएसई व सेबी ने क्लाइंटों की प्रतिभूतियों के दुरुपयोग करने पर ब्रोकरेज की कटु आलोचना की थी। आरोप है कि ब्रोकरेज ने क्लाइंटों की प्रतिभूतियां गिरवी रखककर अनन्य कारोबार मसलन रियल एस्टेट के लिए रकम जुटाई थी। न सिर्फ क्लाइंट बल्कि कुछ बैंक भी कार्वी के घोटाले से प्रभावित हुए हैं। नियामक ने यह भी कहा कि वह ऐसे सर्कुलर पर काम कर रहा है जो कार्वी जैसी स्थिति को रोक लेगा।
 
सेबी का बेहतर अनुभव
 
सेबी के चेयरमैन के तौर पर त्यागी का कार्यकाल इस महीने समाप्त हो जाएगा। त्यागी ने कहा, बाजार नियामक की भूमिका में काफी अच्छे अनुभव मिले। पिछली भूमिका के मुकाबले यह काफी अच्छा रहा। त्यागी ने सेबी के चेयरमैन का कार्यभार 1 मार्च 2017 को संभाला था। इससे पहले वह आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव (निवेश) थे। त्यागी ने कहा, मैं सार्वजनिक परिचर्चा पर भरोसा करता हूं और अपनी टीम के साथ हमने पारदर्शी तरीके से काम किया। बॉन्ड बाजार व कमोडिटी डेरिवेटिव बाजार के विकास के अलावा प्रवर्तन की कार्रवाई में सुधार के लिए और इनपुट की दरकार होगी। सरकार अभी सेबी के नए प्रमुख की नियुक्ति की प्रक्रिया में है। उसे इस पद के लिए तीन दर्जन से ज्यादा आवेदन मिले हैं।
 
चेयरमैन व एमडी का पद अलग-अलग करना
 
त्यागी ने कहा कि भारतीय कंपनी जगत की व्यवहारिक समस्याओं के कारण बाजार नियाक को सूचीबद्ध कंपनियों के लिए चेयरमैन व प्रबंध निदेशक का पद अलग करने की समयसीमा आगे बढ़ानी पड़ी। उन्होंने कहा, हम कंपनी नहीं चला रहे हैं बल्कि वे चला रहे हैं। कंपनियों को निश्चित तौर पर समस्याओं का सामना करना पड़ा होगा। 
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