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यूरोप में भी बिकेगा काला नमक चावल

बीएस संवाददाता / लखनऊ February 16, 2020

अपनी खुशबू और स्वाद के लिए मशहूर पूर्वी उत्तर प्रदेश का काला नमक चावल अब यूरोपीय बाजार में भी जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार अपनी महत्त्वाकांक्षी 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के तहत काला नमक चावल के उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहन देगी। प्रदेश सरकार ने ओडीओपी के तहत काला नमक चावल को सिद्धार्थनगर जिले के विशिष्ट उत्पाद के तौर पर चुना है। गौरतलब है कि कम उत्पादन और पानी की अधिक मांग के कारण बीते कुछ समय से सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, बलरामपुर और बस्ती जिले में काला नमक चावल की फसल खासी घट चुकी है। काला नमक चावल की जगह इसकी संकर प्रजाति काला जीरा आदि ज्यादा चलन में है। 
 
योगी सरकार की ओर से वाराणसी में स्थापित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र सिद्धार्थनगर और आसपास के इलाके में काला नमक चावल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने का काम करेगा। इस संबंध में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ बैठक करके योजना बनाई है। बैठक में उन्होंने शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को काला नमक चावल, जो उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर पट्टी में पारंपरिक रूप से उगाए जाने वाले चावल की एक स्वदेशी किस्म है, की विशिष्ट सुगंध और उच्च पोषण के बारे में बताया।
 
इस अवसर पर उन्होंने काला नमक चावल की उपज में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। जीआई (ग्लाइसेमिक इंडेक्स) मूल्य कम होने के कारण इस चावल के निर्यात की यूरोपीय बाजार में अच्छी संभावना है। उन्होंने संस्थान को सिद्धार्थनगर में चावल के खेतों का दौरा करने और चावल के मूल जर्मप्लाज्म की खोज में मदद के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन इस संस्थान को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने संस्थान को आवश्यक हस्तक्षेप करने के लिए एक योजना तैयार करके सिद्धार्थनगर में शोध केंद्र, विपणन और प्रदर्शन स्थल स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। इसमें सरकार अपने ओडीओपी कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान की वित्तीय मदद कर सकती है। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा इस संबंध में हुई चर्चा को लागू कराने के लिए संस्थान के साथ एक करार का प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रदेश सरकार का मानना है कि उचित प्रोत्साहन से काला नमक चावल यूरोपीय बाजारों में बासमती के बराबर लोकप्रियता हासिल कर सकता है। 
Keyword: agri, farmer, crop, rice, ODOP,,
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