बिजनेस स्टैंडर्ड - चीन को समुद्री खाद्य निर्यात रहेगा बेअसर
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चीन को समुद्री खाद्य निर्यात रहेगा बेअसर

टीई नरसिम्हन / चेन्नई February 16, 2020

भारत से चीन को किए जाने वाले समुद्री खाद्य निर्यात पर कोरोनावायरस के कारण कोई प्रतिकूल असर पडऩे के आसार नहीं हैं। हालांकि वायरस के प्रकोप के बाद निर्यात में जो नरमी है, वह कमजोर अवधि की वजह से है। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) को उम्मीद है कि निर्यात में तेजी आएगी क्योंकि समुद्री खाद्य को स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा विकल्प माना जाता है। एमपीईडीए के अनुसार अप्रैल-दिसंबर 2019 के दौरान चीन को किया जाने वाला कुल समुद्री खाद्य निर्यात 0.589 अरब डॉलर से 75 प्रतिशत बढ़कर 1.032 अरब डॉलर हो गया है। मात्रा के हिसाब से समुद्री खाद्य निर्यात में 46 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
 
एमपीईडीए के चेयरमैन केएस श्रीनिवास ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में चीन को किए जाने वले समुद्री खाद्य निर्यात में चालू वित्त वर्ष के दौरान काफी इजाफा हुआ है। समुद्री खाद्य उद्योग के संपूर्ण विकास के लिए एमपीईडीए केंद्रीय एजेंसी के रूप में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। अप्रैल-दिसंबर 2019 के दौरान चीन को किया जाने वाला कुल समुद्री खाद्य निर्यात 1.032 अरब डॉलर मूल्य के साथ 2,42,218 टन रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 589 अरब डॉलर मूल्य का 1,65,950 टन निर्यात किया गया था। मूल्य के हिसाब से देश से किए जाने वाले कुल समुद्री खाद्य निर्यात में करीब 18 प्रतिशत निर्यात चीन को किया गया, जबकि वर्ष 2018-19 में यह 12 प्रतिशत था। वर्ष 2019-20 (अप्रैल से सितंबर) में कुल निर्यात 3.56 अरब डॉलर रहा। वर्ष 2018-19 में (पूरे वित्त वर्ष के दौरान) कुल निर्यात 6.73 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 7.08 अरब डॉलर था। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के प्रकोप का चीन के झींगा उपभोग पर असर नहीं पड़ा है। इस बीमारी का उद्गम केंद्र वुहान एक छोटा-सा प्रांत है।
 
चीन के नव वर्ष की वजह से शीर्ष मांग को पूरा करने के लिए सभी खरीदार पहले से ही अपने माल का स्टॉक कर चुके हैं और फरवरी के दूसरे सप्ताह तक चलने वाली अवकाश अवधि के बाद नए ऑर्डर सामान्य रूप से दिए जा रहे हैं। जहां तक समुद्री खाद्य निर्यात की बात है, तो   कोरोना वायरस का प्रकोप दरअसल नरम अवधि वाले समय में हुआ है। श्रीनिवास ने कहा कि अगर कोरोनावायरस महामारी स्थिर हो जाती है, तो हमें निर्यात बढऩे की उम्मीद है, खास तौर पर इसलिए क्योंकि समुद्री खाद्य को स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा विकल्प माना जाता है। दामों के संबंध में उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर दाम स्थिर हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन की सामग्री की कम उपलब्धता की वजह से दामों में इजाफे काअभी पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है। 
 
उन्होंने कहा कि भारत से करीब 500 निर्यातक चीन को समुद्री खाद्य का निर्यात कर रहे हैं और चीन में कोरोनावयरस के मद्देनजर निर्यात करने वाली बिरादरी ने वहां निर्यात करने के संबंध में कोई चिंता नहीं जताई है। हालांकि इनमें से कुछेक ने चीन को खेप भेजने के संबंध में चिंता जताई है क्योंकि झींगा खपत में गिरावट आ सकती है। लेकिन इस बात की काफी संभावना है कि चीन के उपभोक्ता विभिन्न प्रकार के सरीसृप जैसे अन्य सामग्री की अपेक्षा स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर समुद्री खाद्य के विकल्प चुन रहे हैं। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री खाद्य उत्पादक देश है।
Keyword: Corona virus, china, india, export, sea food,,
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