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बीएमए क्लाइंटों की मांग पर विचार नहीं करेगा एचडीएफसी बैंक

सुंदर सेतुरामन / मुंबई February 12, 2020

एचडीएफसी बैंक ने निवेशकों की उस याचिका पर विचार से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने निलंबित ब्रोकरेज बीएमए वेल्थ क्रिएटर्स की तरफ से धोखे से गिरवी रखे उनके शेयर वापस करने की मांग की गई थी। बीएमए के क्लाइंटों ने निजी क्षेत्र के बैंक से ब्रोकरेज की तरफ से गिरवी रखे गए शेयर डिपॉजिटरी के खाते में वापस करने की मांग की थी। बीएमए के क्लाइंटों को लिखे एक पत्र में एचडीएफसी बैंक ने कहा है, कर्ज समझौते के तहत ब्रोकरेज की तरफ से गिरवी रखे शेयर को बेचने के मामले में वह अपने अधिकारों के दायरे में है। बैंक ने कहा है कि बीएमए ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि गिरवी रखे शेयरों का मालिकाना हक उसके पास है। बैंक बीएमए के निवेशक समूह की तरफ से लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया जता रहा था।
 
पत्र में कहा गया है कि क्लाइंटों के पास बीएमए की दिया गया दस्तावेज है, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि गिरवी शेयर क्लाइंटों के हैं और एचडीएफसी बैंक से उसे न बेचने का अनुरोध किया गया। एचडीएफसी बैंक ने इस आरोप से इनकार किया है। इस पर जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। कुछ निवेशकों ने धमकी दी है कि अगर बैंक उनके शेयर वापस नहीं करता तो वह भारतीय रिजर्व बैंक और प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) का दरवाजा खटखटाएगा। एचडीएफसी बैंक ने कहा, बैंक ऐसे किसी कदम का मजबूती से विरोध करेगा।
 
अक्टूबर में सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में अनियमितता के लिए बीएमए पर पाबंदी लगा दी थी। ब्रोकर के खिलाफ आरोप था कि वह क्लाइंटों की प्रतिभूतियां अलग करने में नाकाम रही, एक्सचेंज को भ्रामक सूचना दी, गिरवी शेयर छुड़ाने और भुगतान के बाद उसे क्लाइंटों को लौटाने में नाकाम रहा और क्लाइंटों के डीमैट खाते से अनधिकृत तौर पर शेयरों का हस्तांतरण किया। सेबी के आदेश में एनएसई के एक ईमेल का जिक्र है, जिसमें बीएमए की तरफ से सामने रखे गए बैलेंस में काफी बेमेल व असंगतता देखने को मिली थी। आदेश में कहा गया था कि वास्तविक रिकॉर्ड के मुकाबले क्लाइंटों की 100 करोड़ रुपये प्रतिभूतियां कम पाई गई थी।
 
अंतिम आदेश में सेबी ने बीएमए को अपनी सभी परिसंपत्तियों की पूरी इन्वेंट्री मुहैया कराने को कहा था। स्टॉक एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि इन परिसंपत्तियों की बिक्री के जरिये क्लाइंटों के फंडों में हुई कमी की भरपाई हो जाए।
Keyword: HDFC bank, investor, share market,,
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