बिजनेस स्टैंडर्ड - राज्यों को उपकर से ही मुआवजा
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राज्यों को उपकर से ही मुआवजा

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 02 10, 2020

केंद्र ने खड़े किए हाथ

बिजनेस स्टैंडर्ड राज्यों को उपकर से ही मुआवजाराज्यों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में कमी की भरपाई के लिए केंद्र के वादे के मुताबिक पूरा मुआवजा मिलने की उम्मीद नहीं है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि यह रकम मुआवजा उपकर के जरिये एकत्र राशि में से दी जाएगी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक में राज्यों को जीएसटी या उपकर की दरें बढ़ाने पर सहमति जतानी चाहिए। इस बैठक की तारीख अभी तय नहीं की गई है। इसके पहले माना जा रहा था कि जीएसटी लागू होने के बाद 5 साल तक राज्यों को जो भी राजस्व का नुकसान होगा, उसकी पूरी तरह से भरपाई केंद्र सरकार करेगी।

हाल में पेश किए गए आम बजट में पिछले वर्षों में एकत्र किए गए अतिरिक्त मुआवजा उपकर के विशेष वितरण का प्रावधान किया गया है। लेकिन राज्यों को उनके नुकसान का पूरा मुआवजा मिलने की उम्मीद नहीं है। कई राज्यों में पहले के वर्षों की तुलना में जीएसटी राजस्व घटा है। वहीं उपकर भी जरूरत से कम आया है। इस तरह यह कमी करीब 30,000 करोड़ रुपये हो सकती है। बजट प्रस्ताव में विशेष वितरण का प्रावधान किए जाने के बावजूद यह स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष विशेष वितरण के लिए प्रावधान के बाद मुआवजे का हस्तांतरण सिर्फ मुआवजा उपकर से हुए संग्रह तक ही सीमित रहेगा। यह उपकर शीतल पेय पदार्थों, कोयला, पान मसाला, सिगरेट, वाहन पर 28 प्रतिशत कर के ऊपर लगाई गई राशि है। 

बजट तैयार किए जाते समय केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के कार्यकारी चेयरमैन रहे बोर्ड के सदस्य जॉन जोसेफ ने कहा, 'कानून स्पष्ट है। इसमें कहा गया है कि मुआवजे के भुगतान के लिए मुआवजा उपकर लगाया जाएगा। इसी से मुआवजा दिया जाएगा। अगर इस कर से जरूरत भर को राशि नहीं आती है तो कानून में ऐसा कुछ नहीं कहा गया है कि आप इसे केंद्रीय जीएसटी से ले सकते हैं। यह भी नहीं कहा गया है कि केंद्र सरकार इसे अपनी जेब से देगी।'  

जोसेफ ने  कहा कि पूरा मुआवजा पाने के लिए राज्य जीएसटी या उपकर दरें बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कानून में साफ है कि राज्यों को 14 प्रतिशत वृद्धि दर के हिसाब से पांच वर्षों तक राजस्व कमी की भरपाई की जाएगी। एक विशेषज्ञ ने कहा कि केंद्र को राज्यों को किए गए वादे से नहीं मुकरना चाहिए। 

पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने दिसंबर में जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि केंद्र से मुआवजा मिलने जा रहा है।  केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में उपकर में 63,200 करोड़ रुपये की कमी का अनुमान जताया है। अप्रैल-जनवरी अवधि में जीएसटी संग्रह में 4.6 प्रतिशत वृद्धि हुई है। सरकार पिछले दो वर्षों की 35,000 करोड़ रुपये की अधिशेष रकम दो किस्तों में मुआवजा कोष में हस्तांतरित करेगी। इसके बावजूद करीब 28,000 करोड़ रुपये की कमी रह जाती है।
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