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कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ा रहे प्रवर्तक

दिलीप कुमार झा / मुंबई February 09, 2020

मांग में सुधार और बेहतर लाभ मार्जिन की उम्मीद से कई कपड़ा कंपनियों के प्रवर्तकों ने पिछले कुछ महीनों के दौरान खुले बाजार में नए शेयरों की खरीद करते हुए अपनी हिस्सेदारी में इजाफा किया है। अप्रैल से दिसंबर 2019 के बीच रेमंड के प्रवर्तकों ने अपनी हिस्सेदारी 290 आधार अंक तक बढ़ाकर 46.7 प्रतिशत कर दी है। इसी तरह अरविंद के प्रवर्तकों ने इस अवधि के दौरान अपनी हिस्सेदारी में 165 आधार अंक तक की बढ़ोतरी की है। कम बाजार पूंजीकरण वाली इंडो रामा सिंथेटिक्स के प्रवर्तकों ने अपनी हिस्सेदारी में 18 प्रतिशत अंक से ज्यादा का इजाफा किया है। फिलाटेक्स इंडिया और ट्राइडेंट जैसी दूसरी कंपनियों ने भी अप्रैल 2019 के बाद से अपनी हिस्सेदारी में इजाफा किया है।

फिलाटेक्स इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मधुसूदन भगेरिया ने कहा कि हमने हाल ही में अपने दहेज संयंत्र में विस्तार संपन्न किया है और अप्रैल 2020 तक अतिरिक्त ड्रॉन टेक्सचर्ड यार्न क्षमता वाले संयंत्र का वाणिज्यिक परिचालन शुरू करेंगे। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में पॉलिएस्टर धागे की मांग बढ़ रही है जिसने हमें अतिरिक्त शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया है।

पिछली कुछेक तिमाहियों के दौरान भारत पॉलिएस्टर धागे और कपड़े के कारोबार में प्रतिस्पर्धी बन गया है। इसने इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों - अरविंद और फिलाटेक्स को क्रमश: अपनी कपड़ा और पॉलिएस्टर धागा क्षमता में विस्तार के लिए प्रेरित किया है। 

 

एक विश्लेषक ने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह से फिलहाल पूरी अवधारण कमजोर है। लेकिन हमें अगली एक या दो तिमाहियों के दौरान अवधारणा में सुधार और घरेलू कपड़ा उपभोग तथा निर्यात बढऩे की उम्मीद है। वैश्विक कपड़ा निर्यात बाजार में चीन की हिस्सेदारी में गिरावट का लाभ उठाने के लिए सरकार उद्योग के लिए हरसंभव मौका उपलब्ध करा रही है।

प्रवर्तकों की हिस्सेदारी में इजाफे को सकारात्मक रूप से माना जाता है क्योंकि इससे यह संदेश मिलता है कि प्रवर्तक मौजूदा स्तर पर अपनी कंपनियों में उपयोगिता देख रहे हैं और दीर्घकालिक परिदृश्य को लेकर आशावादी हैं।

Keyword: Clothes, India, Export, raymond, synthetic, filatex india,
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