बिजनेस स्टैंडर्ड - आर्सेलर-निप्पॉन को तेजी की आस
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आर्सेलर-निप्पॉन को तेजी की आस

ईशिता आयान दत्त / कोलकाता February 09, 2020

भारत के इस्पात क्षेत्र में भले ही नरमी दिख रही हो लेकिन प्रमुख वैश्विक इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल ऐंड निप्पॉन स्टील (एएम/एनएस इंडिया) का नजरिया तेजी का है। कंपनी ने एस्सार स्टील में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

आर्सेलरमित्तल के अध्यक्ष और आर्सेलरमित्तल यूरोप के ग्रुप सीएफओ एवं सीईओ आदित्य मित्तल ने विश्लेषकों से बातचीत में कहा, 'मध्यम से दीर्घावधि आधार पर वृद्धि की रफ्तार स्थिर रहेगी।' आदित्य एएम/एनएस इंडिया के चेयरमैन भी हैं। वह एस्सर स्टील के अधिग्रहण पर विश्लेषकों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया था कि क्या संयुक्त उद्यम वास्तव में शेयरधारकों के लिए नकदी रिटर्न सृजित करेगी। दिसंबर के मध्य में आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील ने संयुक्त रूप से दिवालिया समाधान प्रक्रिया के जरिये एस्सार स्टील का अधिग्रहण किया था। 

संयुक्त उद्यम में 60 फीसदी हिस्सेदारी आर्सेलरमित्तल की है जबकि शेष हिस्सेदारी निप्पॉन स्टील की। बाद में संयुक्त उद्यम का नया नाम एएम/एनएस इंडिया रखा गया। आदित्य ने जिस वृद्धि की ओर इशारा किया है वह भारत के लिए है। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि भारत को लेकर खबरें नकारात्मक हैं जैसे वाहनों की मांग में तेजी से गिरावट आ रही है। लेकिन भारत में इस्पात की खपत वास्तव में 2019 में करीब 4 फीसदी बढ़ी। हमारा मानना है कि 2020 में यह कहीं अधिक दमदार रहेगी।'

आदित्य ने कहा, 'हम वृद्धि दर्ज करना चाहते हैं क्योंकि भारत में बाजार बढ़ रहा है। साथ ही हम बाजार में सृजित मूल्य को भी हासिल करना चाहते हैं। इसलिए मैं इसे मूल्य के तौर पर देखता हूं क्योंकि आर्सेलरमित्तल ने विश्व में सबसे अधिक रफ्तार के साथ वृद्धि दर्ज करने वाले इस्पात बाजार के एक विश्वस्तरीय संयंत्र में 60 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की है।' जब उनसे आर्सेलरमित्तल के शेयरधारकों के लिए नकद रिटर्न के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हर सूरत में अंतत: नकदी सृजित होगी।' उन्होंने कहा, 'हमने दिसंबर में संयंत्र का दौरा किया और उस टीम से लगातार संपर्क में हैं। मुझे लगता है कि कंपनी सही राह पर अग्रसर है।'

जनवरी में एमएम/एनएस इंडिया ने 74 लाख टन की रिकॉर्ड रफ्तार पर उत्पादन किया। यह वर्ष 2017 के अंत में जांच-परख के दौरान हो रहे उत्पादन के मुकाबले 40 फीसदी अधिक है। खास बात यह है कि यह वृद्धि मामूल पूंजीगत खर्च पर हासिल की गई है।

निप्पॉन स्टील ने भी निवेशकों दी गई एक प्रस्तुति में कहा है कि उसे उम्मीद है कि एमएम/एनएस इंडिया पहले साल से ही मुनाफे में रहेगी। निप्पॉन ने कहा कि इस संयुक्त उद्यम में कुल नकदी निवेश 50,000 करोड़ रुपये था जिसमें 42,000 करोड़ रुपये एस्सार के मौजूदा ऋण के पुनर्भुगतान के लिए और 8,000 करोड़ रुपये शुरुआती कार्यशील पूंजी के लिए।

Keyword: arcelor mittal, Nippon Steel, Steel, Esaar Steel, Equity,
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