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आईटीआई ने वापस लिया एफपीओ

बीएस संवाददाता / मुंबई February 05, 2020

आईटीआई लिमिटेड ने कमजोर मांग के कारण बुधवार को 1,300 करोड़ रुपये का अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) वापस ले लिया। यह कदम किसी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी के विरले उदाहरण में से एक है जब वह रकम जुटाने की कवायद में नाकाम रही। आईटीआई लिमिटेड दूरसंचार क्षेत्र को तकनीकी समाधान मुहैया कराती है। यह एफपीओ हालांकि सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, लेकिन यह कम पसंदीदा पीएसयू की हिस्सेदारी बिक्री में चुनौतियों को रेखांकित करता है।
 
आईटीआई ने एक बयान में कहा, बाजार ीक मौजूदा परिस्थितियों के कारण कंपनी ने एफपीओ वापस लेने का फैसला लिया है। स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीओ को सिर्फ 62 फीसदी आवेदन मिले थे। आईटीआई ने एफपीओ बंद होने की तारीख दो बार बढ़ाई और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कीमत दायरा भी घटाया था। यह एफपीओ मूल रूप से 28 जनवरी को बंद होना था। पहली बार इसकी तारीख बढ़ाकर 31 जनवरी की गई और दूसरी बार 5 फरवरी। इसका कीमत दायरा घटाकर 71 से 77 रुपये किया गया, जो पहले 72 से 77 रुपये प्रति शेयर था।
 
बुधवार को आईटीआई का शेयर करीब 5 फीसदी उछलकर 84 रुपये पर बंद हुआ। इस एफपीओ के जरिए आईटीआई 18.18 करोड़ नए शेयर जारी करने जा रही थी। इस इश्यू के जरिए 20 फीसदी हिस्सेदारी बिकनी थी, जिसका द्वितीयक बाजार की कीमत पर असर पड़ता। अभी इस कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी है। आईटीआई का मूल्यांकन अभी 7,550 करोड़ रुपये है। बीओबी कैपिटल मार्केट्स, कार्वी इन्वेस्टर सर्विसेज और पीएनबी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज इस एफपीओ का कामकाज संभाल रही थी।
 
विगत में सरकारी स्वामित्व वाली इकाइयों मसलन एलआईसी व एसबीआई ने पीएसयू शेयर की बिक्री में काफी मदद की है। बैंकरों ने कहा, आईटीआई के एफपीओ की नाकामी से संकेत मिलता है कि सरकार चाहती थी कि रकम जुटाने की इस योजना को सामान्य मांग का सहारा मिले। विश्लेषकों ने कहा कि कीमत और अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य से निवेशकों की मांग प्रभावित हुई होगी। एक विश्लेषक ने कहा, कीमत के अलावा निवेशक पिछले वित्त वर्ष में कंपनी के लाभ में गिरावट और कारोबारी परिदृश्य को लेकर चिंतित हैं क्योंकि आईटीआई का अधिकतम कारोबार सराकरी स्वामित्व वाली कंपनियों से आता है, जो बेहतर स्थिति में नहीं है।
 
आईटीआई इस एफपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज समाप्त करने और कार्यशील पूंजी के वित्त पोषण में करने पर विचार कर रही थी। विश्लेषकों ने कहा, कंपनी को अब रकम जुटाने के अन्य तरीके पर नजर डालनी होगी, जिसमें निजी नियोजन शामिल है।
Keyword: ITI limited, IPO, share market,,
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