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लाभांश वितरण कर की समाप्ति सही कदम : अजय त्यागी

सुंदर सेतुरामन / मुंबई February 04, 2020

बाजार नियामक सेबी ने लाभांश पर कर देनदारी का भार कंपनियों से शेयरधारकों पर डालने के सरकार के कदम का स्वागत किया है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा, लाभांश वितरण कर की समाप्ति की मांग बाजार कर रहा था। लाभांश वितरण कर तार्किक नहीं था। इसे शायद यूनिट के स्तर पर कर लगाने के लिए चालू किया गया था। आदर्श रूप में इसका भुगतान टैक्स स्लैब के मुताबिक प्राप्तकर्ता की तरफ से होना चाहिए। एनएसई में यह कार्यक्रम ऋण प्रतिभूतियों के लिए आरएफक्यू प्लेटफॉर्म की पेशकश के लिए आयोजित हुआ।
 
शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनियों पर लागू लाभांश वितरण कर की समाप्ति का ऐलान किया था और कहा था कि अब लाभांश पर कर प्राप्तकर्ता को चुकाना होगा। इस कदम पर बाजार ने मिश्रित प्रतिक्रिया जताई। लाभांश वितरण की समाप्ति से कंपनियों को 20 फीसदी कर की बचत होगी, लेकिन प्रवर्तकों और अन्य धनाढ्य शेयरधारकों से लाभांश पर 43 फीसदी तक कर वसूला जा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां अब लाभांश देने के बजाय शेयर पुनर्खरीद की ओर बढ़ेंगी।
 
वैश्विक स्तर पर अलग-अलग तरह से लाभांश पर कर वसूला जाता है। अमेरिका व जर्मनी में लाभांश पर विदहोल्डिंग कर लगाया जाता है, वहीं ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे बाजारों में ऐसा नहीं होता। इस बीच, त्यागी ने कहा कि सेबी ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्युचुअल फंड से पूछा है कि रेटिंग एजेंसियों की तरफ से किसी तरह की कवायद से पहले वोडाफोन आइडिया के ऋणपत्र में निवेश को बट्टे खाते में क्यों डाला गया। उन्होंने कहा, अगर यह परिसंपत्ति निवेश श्रेणी से नीचे नहीं है तो इस तरह का कदम नहींं उठाया जाना चाहिए। हमने फंड हाउस से इस पर अपना पक्ष रखने को कहा है।
 
पिछले महीने फंड हाउस ने एजीआर पर दूरसंचार ऑपरेटरों की समीक्षा याचिका खारिज किए जाने के तत्काल बाद वोडाफोन आइडिया के ऋणपत्र में 100 फीसदी निवेश को बट्टे खाते में डाल दिया था। फ्रैंकलिन का कदम यूटीआई एमएफ, निप्पॉन एमएफ और बिड़ला एमएफ से अलग था, जिन्होंने रेटिंग एजेंसियों की तरफ से उपलब्ध कराए गए मूल्यांकन मानक के मुताबिक निवेश को बट्टे खाते में डाला। त्यागी ने यह नहीं बताया कि क्या सेबी ने अन्य फंड हाउस से भी इस बारे में जानकारी मांगी है। एलआईसी की प्रस्तावित शेयर बिक्री पर त्यागी ने कहा कि बीमा कंपनी को सूचीबद्ध कराने वाली अन्य कंपनी की तरह ही पूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस पर हालांकि उन्होंने और टिप्पणी से इनकार कर दिया।
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