बिजनेस स्टैंडर्ड - दिसंबर तिमाही में सोने की मांग घटी
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दिसंबर तिमाही में सोने की मांग घटी

राजेश भयानी और पुनीत वाधवा / मुंबई/नई दिल्ली January 30, 2020

दिसंबर तिमाही में भारत में सोने की मांग एक साल पहले की तुलना में 18 प्रतिशत घटकर 194.3 टन रह गई जो इस अवधि में आठ वर्ष का निचला स्तर है। यह तिमाही बेहद महत्त्वपूर्ण थी, क्योंकि इसमें दीवाली का पर्व भी आता है। लेकिन ऊंची कीमत, कमजोर उपभोक्ता रुझान और ग्रामीण आय पर दबाव की वजह से सोने की मांग में सुधार नहीं दिखा। वर्ष 2019 में भारत की कुल स्वर्ण मांग 9 प्रतिशत तक घटकर 690.4 टन रही। 2019 में भारत का शुद्घ स्वर्ण आयात 14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 646.8 टन रहा, लेकिन दिसंबर तिमाही के संदर्भ में आयात 18 प्रतिशत घटकर 138.5 टन दर्ज किया गया। यह खुलासा विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने आज जारी अपनी 2019 की स्वर्ण मांग रुझान रिपोर्ट में किया है। हालांकि डब्ल्यूजीसी को 2020 में देश में सोने की मांग में सुधार आने की संभावना है। डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक (भारत) सोमसुंदरम पीआर का कहना कि 2020 में भारत की स्वर्ण मांग 700-800 टन रहने की संभावना है, जो पिछले साल 690.4 टन थी।

 
उनका कहना है कि हालांकि पिछले 10 वर्षों में भारत में सोने की औसत मांग 843 टन रही है और सराफा कारोबार में पारदर्शिता लाने के सरकारी प्रयासों से यह मांग इस स्तर से नीचे बने रहने की संभावना है। वैश्विक रूप से सोने की मांग के रुझानों पर नजर रखने वाली अन्य एजेंसी जीएफएमएस का कहना है कि अनधिकृत सोने से भारत में मांग परिदृश्य में नकारात्मक बदलाव आया है। सोमसुंदरम के अनुसार, '2019 में देश में लगभग 115-120 टन सोने की तस्करी हुई थी जो पूर्ववर्ती वर्ष के 90-95 टन से अधिक है।'
 
पिछले साल जुलाई में वित्त मंत्री ने सोने पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया जिससे देश में इस धातु की तस्करी को बढ़ावा मिला। कैलेंडर वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में दुनिया के दो सबसे बड़े स्वर्ण उपभोक्ताओं भारत और चीन का वैश्विक मांग में आई गिरावट में 80 प्रतिशत का योगदान रहा। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार सोने की कीमतों में तेजी और कमजोर आर्थिक हालात की वजह से इस धातु की मांग पर दबाव देखा गया।  चौथी तिमाही में चीन की आभूषण मांग सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घटकर 159.7 टन रही, जबकि पूरे वर्ष 2019 में मांग 7 प्रतिशत घटकर 637.3 टन रही। डब्ल्यूजीसी के अनुसार सुस्त अर्थव्यवस्था, बढ़ती मुद्रास्फीति, वैश्विक व्यापारिक तनाव, सोने की ऊंची कीमतों और युवा पीढ़ी द्वारा हल्के आभूषणों पर ध्यान दिए जाने से 2019 में मांग पर दबाव बढ़ गया। दूसरी तरफ, भारत में चौथी तिमाही में स्वर्ण आभूषण मांग सालाना आधार पर 17 प्रतिशत घटकर 149 टन रह गई। 
 
डब्ल्यूजीसी का मानना है कि सोने के लिए चौथी तिमाही में मांग 1,045.2 टन रही, जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की गिरावट है। आभूषण मांग सालाना 10 प्रतिशत गिरकर 2011 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई। सालाना आधार पर (2019 में), सोने की मांग 1 प्रतिशत घटकर 4355.7 टन रह गई, क्योंकि स्वर्ण बिस्कुट और सिक्के, आभूषण की कमजोर मांग से उपभोक्ता धारणा प्रभावित हुई। 
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