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आईटीसी, इमामी का ग्रामीण बाजार पर जोर

अभिषेक रक्षित / कोलकाता January 30, 2020

आईटीसी और इमामी जैसी प्रमुख एफएमसीजी कंपनियां ग्रामीण बाजार में सीधे तौर पर अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। इन क्षेत्रों में कमजोर ग्राहक धारणा के कारण बिक्री प्रभावित हो रही है लेकिन कंपनियों ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से बिक्री को रफ्तार देने में मदद मिल सकती है। इसलिए कंपनियों ने ग्राहकों से संपर्क बढ़ाने की गतिविधियों के जरिये मंदी को मात देने की रणनीति बनाई है। फिलहाल मंदी का असर शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं अधिक दिख रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए आईटीसी ने चालू वित्त वर्ष में अपने ग्रामीण स्टॉकिस्ट नेटवर्क को दोगुना कर दिया है। इससे कम आबादी वाले क्षेत्रों तक कंपनी की पहुंच बढ़ेगी।
 
आईटीसी के प्रवक्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'हमने काफी सक्रियतापूर्वक ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सीधी पहुंच बढ़ाई है और मौजूदा नेटवर्क में 25 फीसदी से अधिक नए बाजारों को जोड़ा गया है।' आईटीसी का हैंडलर आधार फिलहाल 62 लाख आउटलेट का है और वह आउटलेट कवरेज में आक्रामक विस्तार के लिए निवेश कर रही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 80 फीसदी नए हैंडलर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े हैं। इमामी लिमिटेड का अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सबसे अधिक निवेश ग्रामीण क्षेत्रों में है। कंपनी ने करीब तीन साल पहले अपनी धनुष परियोजना शुरू की थी। इसके तहत दूरदराज के क्षेत्रों तक गहरी पैठ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान इमामी की पहुंच देश भर में करीब 3,000 से अधिक आबादी वाले 20,000 से अधिक शहरों तक बढ़ी है।
 
इमामी लिमिटेड के निदेशक मोहन गोयनका ने इस समाचार पत्र से कहा, 'आउटलेट पर पॉइंट ऑफ पर्चेज विजिबिलिटी के जरिये वैन ब्रांडिंग और विजुअल मर्केंडाइजिंग ग्रामीण चैनल में वृद्धि को रफ्तार और ग्राहकों को प्रभावित करने का एक प्रभावी उपाय साबित हुई है।' करीब 3,000 वितरकों और 6 लाख वर्ग फुट से अधिक की वाणिज्यिक परिसंपत्ति के साथ एचयूएल ने भी सीधे तौर पर ग्राहकों के लिए वितरण नेटवर्क में विस्तार को प्राथमिकता दी है। एक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान पत्रिका के अनुसार, 1997 में अपनी शुरुआत के बाद एचयूएल अब तक 6,000 उप-स्टॉकिस्टों को नियुक्त किया है क्योंकि उसका वितरण नेटवर्क सीधे तौर पर करीब 50,000 गांवों को कवर करता है और उसकी पहुंच करीब 25 करोड़ ग्राहकों तक है। इस प्रकार वह करीब 37 फीसदी ग्रामीण उपभोक्ताओं तक सीधे तौर पर पहुंच रही है।
Keyword: ITC, emami, FMCG, rural,,
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