बिजनेस स्टैंडर्ड - लोकलुभावन बजट की उम्मीद
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लोकलुभावन बजट की उम्मीद

बीएस संवाददाता / मुंबई/नई दिल्ली/कोलकाता 01 28, 2020

उद्योग जगत की उम्मीदें

बिजनेस स्टैंडर्ड लोकलुभावन बजट की उम्मीदभारतीय उद्योग जगत के मुख्य कार्याधिकारियों को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती रफ्तार को गति देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को पेश होने वाले आम बजट में आयकर में कटौती, ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने और रोजगार सृजन के उपायों की घोषणा कर सकती हैं। कंपनी जगत की राय जानने के लिए इस हफ्ते देश भर में 25 मुख्य कार्याधिकारियों के बीच सर्वेक्षण कराया गया। इनमें से अधिकांश ने उम्मीद जताई कि बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने के उपायों की घोषणा की जा सकती हैं। 

सर्वेक्षण में शामिल 56 फीसदी मुख्य कार्याधिकारियों ने कहा कि वे 'लोकलुभावन' बजट की उम्मीद कर रहे हैं जिससे उपभोग मांग को बढ़ावा मिलेगा। अधिकांश मुख्य कार्याधिकारियों (88 फीसदी) ने उम्मीद जताई कि सरकार अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने जैसे कदम उटाएगी। दिल्ली की एक कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'सरकार को आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए ग्रामीण मांग में सुधार लाने के उपाय निश्चित तौर पर करने चाहिए।' सर्वेक्षण में शामिल करीब आधे प्रतिभागियों का कहना था कि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के लक्ष्य को कम करने की उम्मीद नहीं है, वहीं 24 फीसदी प्रतिभागियों ने इसे और घटाए जाने की बात कही।

करीब 80 फीसदी मुख्य कार्याधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उपभोक्ता व्यय को बढ़ावा देने के लिए आयकर दरों में कटौती कर सकती है। हाल के महीनों में ऐसा देखा गया है कि ग्राहक नई कार या मकान नहीं खरीद रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने भविष्य की चिंता है। मुख्य कार्याधिकारियों ने कहा कि आयकर दर में कटौती से करदाताओं के हाथों में अतिरिक्त पैसा बचेगा जिससे उपभोक्ता व्यय में सुधार लाने में मदद मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। हालांकि 56 फीसदी मुख्य कार्याधिकारियों ने उम्मीद जताई कि धनाढ्यों पर ज्यादा कर लगाया जा सकता है।

एक मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'मैं प्रत्यक्ष कर संहिता के मुताबिक कर को तर्कसंगत बनाने की आशा करता हूं। इससे करदाताओं के पास खर्च के लिए अतिरिक्त पैसे बचेंगे और ग्राहकों की भावना में सुधार आएगा और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर इसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर होगा।'

सर्वेक्षण में शामिल करीब 84 फीसदी मुख्य कार्याधिकारियों ने कहा कि उन्हें शनिवार को पेश होने वाले बजट में रोजगार सृजन के लिए कई घोषणाएं किए जाने की उम्मीद है। कोलकाता की एक कंपनी के सीईओ ने कहा, 'अगर भारत को 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करना है तो इसमें रोजगार सृजन पर ज्यादा जोर देना होगा।' जब उनसे पूछा गया कि क्या वे उम्मीद करते हैं कि वित्त मंत्री राजकोषीय घाटे के बारे में पारदर्शी आंकड़े देंगी, तो करीब आधे सीईओ (48 फीसदी ) ने इसका नकारात्मक जवाब दिया जबकि 32 फीसदी को भरोसा था कि इस मामले में सीतारमण पारदर्शी रुख अपनाएंगी।

मुख्य कार्याधिकारियों को उम्मीद है कि विदेशी निवेशकों की धारणा को मजबूत करने के लिए बजट में कई घोषणाएं की जाएंगी। विदेशी निवेशक निवेश फैसलों के लिए बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तीन-चौथाई सीईओ का मानना है कि बजट में विदेशी निवेशकों के लिए कई आकर्षक घोषणाएं की जाएंगी। एक स्टील कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, 'विदेशी निवेशक और ज्यादा की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें कई तरह की आशंकाएं हैं जिन्हें दूर करने की जरूरत है। साथ ही भारतीय न्याय व्यवस्था भी बहुत धीमी है।'

दक्षिण अफ्रीका की कंपनी बिडवेस्ट ने इस महीने सरकार को पत्र लिखकर मुंबई हवाई अड्डे में अपनी हिस्सेदारी बेचने में मदद मांगी है। मुकदमेबाजी के कारण वह पिछले एक साल से अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच पा रही है। उच्चतम न्यायालय के दूरसंचार कंपनियों को सरकार की मांग के मुताबिक समायोजित सकल राजस्व भुगतान करने का आदेश देने से भी विदेशी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।  वित्तीय संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया में बहुलांश हिस्सेदारी वाली वोडफोन पीएलसी के मुख्य कार्याधिकारी े ने कहा कि भारी खर्च के कारण उसकी भारतीय इकाई पर परिसमापन का खतरा मंडरा रहा है।
Keyword: nirmala sitaraman, economy, budget,,
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