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आपूर्ति बढऩे से प्याज के भाव गिरे

दिलीप कुमार झा / मुंबई January 28, 2020

लगातार पांचवें दिन मंगलवार को प्याज की कीमतों में  गिरावट आई। पूरे देश से मंडियों में नए सीजन की आवक बढऩे से एक सप्ताह में प्याज के दाम लगभग 40 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। नासिक स्थित राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) द्वारा एकत्रित आंकड़ों से पता चलता है कि लासलगांव मंडी में मंगलवार को प्याज की कीमत 4 रुपये की गिरावट के साथ 24 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। प्याज के भाव में सोमवार में 24 रुपये प्रति किलोग्राम से 4 प्रतिशत और इस साल 20 जनवरी के 40 रुपये प्रति किलोग्राम से 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। प्याज के दाम का यह स्तर 6 नवंबर, 2019 के बाद से नहीं देखा गया था। पूरे देश में खुदरा स्तर पर प्याज लगातार 40-44 रुपये के बीच बिक रहा है। 
 
एशिया में प्याज के सबसे बड़े थोक बिक्री बाजार कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी), लासलगांव के सचिव नरेंद्र सवालीराम वाधवाने ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में प्याज की आवक में भारी इजाफा हुआ है, क्योंकि किसानों फसल की कटाई में तेजी दिखाई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की स्थानीय मंडियों में किसानों ने आपूर्ति में इजाफा किया है जिससे लासालगांव मंडी में मांग पर दबाव घट रहा है। इसके अलावा, प्याज निर्यात पर सरकार के प्रतिबंध से भी कीमतों में नरमी आई है।' 
 
प्याज का भाव 16 दिसंबर को थोक बिक्री लासलगांव मंडी में 86.25 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था जिससे खुदरा में यह 140 रुपये पर था। कई होटलों, रेस्तरांओं और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने ग्राहकों को प्याज परोसना बंद कर दिया था और सब्जी के घटक के तौर पर इसकी खपत में भारी कमी आई थी। हालांकि 86.25 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर से, प्याज के भाव अब लासलगांव मंडी में 72 प्रतिशत तक नीचे आए हैं। लासालगांव मंडी में प्याज की आपूर्ति बढ़कर 2,000 टन से ज्यादा हो गया है, जबकि 16 दिसंबर, 2019 को यह 1100 टन थी। बुआई में विलंब की वजह से प्याज की कटाई में चार-छह सप्ताह तक का विलंब पहले ही हो चुका है। इसके अलावा पिछले साल मॉनसून सीजन में बाढ़ की वजह से जलभराव से भी प्याज की फसल प्रभावित हुई। चूंकि ठंड घटने और धूप खिलने से किसानों को मदद मिली है और उन्होंने ऊंची कीमतों का लाभ उठाने के लिए प्याज की कटाई तेज कर दी है।
 
नासिक में प्याज के थोक विक्रेता संजय सनाप ने कहा, 'प्याज की कीमतें अगले एक महीने में और घटकर 15 रुपये प्रति किलोग्राम पर रह जाने का अनुमान है, क्योंकि किसान खरीफ की शुरुआती फसल की बुआई के लिए खेतों को खाली करेंगे और प्याज की कटाई में और ज्यादा तेजी लाएंगे।' वाधवाने ने सरकार से प्याज निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया है जिससे कि स्टाकिस्टों को विदेश में आकर्षक कीमतों पर कुछ ऑर्डर हासिल करने का मौका मिल सके। प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने 9 दिसंबर को रिटेलरों के लिए स्टॉक सीमा 50 फीसदी घटाकर 2 टन और स्टॉकिस्टों के लिए 5 टन कर दी थी। इसके अलावा सरकार ने प्याज की जमाखोरी पर भी सख्ती बरती है। सरकार ने स्थानीय आपूर्ति में सुधार लाने के लिए 30 सितंबर को प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। 
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