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2019 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा वैश्विक डेरिवेटिव कारोबार

समी मोडक / मुंबई January 21, 2020

वैश्विक एक्सचेंजों पर संयुक्त रूप से वायदा एवं विकल्प (एफऐंडओ) कारोबार साल 2019 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, ऐसा साल जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ट्वीट के चलते बाजार में उतारचढ़ाव रहा। उद्योग निकाय फ्यूचर्स इंडस्ट्री एसोसिएशन (एफआईए) के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर एक्सचेंज ट्रेडेड डेरिवेटिव बाजार 13.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ साल 2019 में अब तक के सर्वोच्च स्तर 34.5 अरब अनुबंध पर पहुंच गया। डेरिवेटिव अनुबंध की संख्या के लिहाज से भारत का नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) वैश्विक स्तर पर सबसे आगे रहा।

उसने अमेरिका के सीएमई समूह को पीछे छोड़ दिया जबकि वह कई सहायक एक्सचेंजों मसलन शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज और न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज का परिचालन करता है। देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में करीब 6 अरब एफऐंडओ अनुबंधों की ट्रेडिंग हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 57 फीसदी ज्यादा है। एफआईए के आंकड़े बताते हैं कि सीएमई पर कुल 4.8 अरब अनुबंधों की ट्रेडिंग हुई। 

साथ ही साल 2019 के आखिर में वैश्विक स्तर पर कुल खड़े सौदे (ओपन इंटरेस्ट) 90 करोड़ अनुबंध रहे, जो एक साल पहले की तुलना में 9 फीसदी ज्यादा है। भारत में ट्रेडिंग की गतिविधियां उतारचढ़ाव में इजाफे से भी प्रभावित हुईं, जिसकी वजह वैश्विक व देसी कारण थे। बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स का जीवाईरेट साल के दौरान 17 फीसदी रहा। ट्रेडिंग वॉल्यूम का उतारचढ़ाव से काफी सह-संबंध होता है और यह उतारचढ़ाव चीन के खिलाफ ट्रंप के लगातार ट्वीट के कारण देखने को मिला, जिससे अक्सर वित्तीय बाजार प्रभावित हुआ।

आर्थिक व आय की रफ्तार में कमी और एनबीएफसी संकट ने निवेशकों को पिछले साल निवेशकों को परेशान किया। हालांकि बाजारों ने ज्यादातर अवरोध से बाहर निकलने में कामयाबी पाई, जिसकी वैश्विक स्तर पर नकदी की सहजता रही। साथ ही सितंबर में सरकार की तरफ से कंपनी कर में कटौती से भी इक्विटी बाजार को मजबूती मिली। इस बीच, वैश्विक स्तर पर चीन के साथ कारोबारी युद्ध पर ट्रंप की टिप्पणी से उतारचढ़ाव में इजाफा हुआ। संवेदनशील मसलों मसलन शेयर बाजार का स्तर, मौद्रिक नीति और व्यापार सौदों को लेकर ट्रंप ने शायद ही ट्वीट नहीं किया। 

जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने वोल्फेफे इंडेक्स विकसित कर लिया (ट्रंप के 2017 के ट्वीट में इस्तेमाल किए गए रहस्यात्मक शब्द कोवफेफे पर आधारित)। इंडेक्स ने बाजार में उतारचढ़ाव पर राष्ट्रपति के ट्वीट के असर का अनुमान लगाने के लिए मशीन लर्निंग तकनीक विकसित कर ली। केआर चोकिसी इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, उताचढ़ाव की कई वजह रही और वॉल्यूम में बढ़ोतरी अल्गो के बढ़ते इस्तेमाल और मशीन आधारित ट्रेडिंग के कारण हुई।

एक बयान में एनएसई ने वॉल्यूम में उछाल की वजह इक्विटी बाजार की गहराई को बताया। एनएसई के प्रबंध निदेशक व सीईओ विक्रम लिमये ने कहा, एनएसई ने पिछले पांच साल में नकदी क्षेत्र में 1.2 करोड़ नए निवेशकों का पंजीकरण देखा है, जिसमें से 87 लाख पिछले तीन साल में आए। यह भी पाया गया कि एक तिहाई नए निवेशक टियर-3 व टियर-4 शहरों से आए। इसके अलावा निवेशकों ने डिजिटल का इस्तेमाल किया और नकदी ेमं 26 फीसदी कारोबार मोबाइल व इंटरनेट ट्रेडिंग के जरिए हुआ।

एफआईए के आंकड़ों के मुताबिक, डेरिवेटिव वॉल्यूम के लिहाज से बीएसई (गिफ्टी सिटी में इंडिया इंटरनैशनल एक्सचेंज समेत) का स्थान 13वां रहा, वहीं एमसीएक्स का 18वां। एफआईए ने 34 देशों में परिचालित 80 एक्सचेंजों के वॉल्यूम व ओपन इंटरेस्ट का विश्लेषण किया।
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