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छोटे व्यापारियों को भी जीएसटी में लाने की तैयारी

बीएस संवाददाता / लखनऊ January 20, 2020

मूल्य एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में कमी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार अब कर के दायरे में कस्बों व बड़े गांवों के व्यापारियों को लाना चाहती है। प्रदेश सरकार की नजर उन छोटे कारोबारियों पर भी है जो अपने प्रतिष्ठानों की शृंखला चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी की वसूली का दायरा बढ़ाने के लिए अब ऐसे सभी व्यापारियों का पंजीकरण करने की योजना बनाई है जिनकी सालाना आमदनी 40 लाख रुपये से अधिक है। विभाग की टैक्स रिसर्च यूनिट (टीआरयू) इसके लिए सर्वेक्षण कर रही है। विभाग की नजर बड़े पैमाने पर छोटे शहरों और कस्बों के उन व्यापारियों पर है जो अब तक पंजीकरण के दायरे से बाहर हैं। इस तरह के व्यापारियों का पंजीकरण करना अब विभाग की प्राथमिकता में शामिल है। 
 
उत्तर प्रदेश में चालू वित्त वर्ष में 77,640 करोड़ रुपये की कर वसूली का लक्ष्य है जिनमें से 52,980 करोड़ रुपये जीएसटी से आना है। इसके अलावा 24,660 करोड़ रुपये वैट की वसूली का हिस्सा है। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वैट की वसूली को लेकर कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम उत्पादों से आना है जो हर हाल में मिलना ही है। प्रदेश में इस बार अब तक 77,640 करोड़ रुपये लक्ष्य के सापेक्ष 42,592 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि कारोबार में मंदी के चलते इस बार जीएसटी का लक्ष्य हासिल करने में मुश्किल आ सकती है। 
 
जीएसटी के लक्ष्य को पाने और वसूली का दायरा बढ़ाने के लिए अब वाणिज्य कर विभाग की नजर छोटे व्यापारियों पर है। विभाग का मानना है कि कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक में फूड शृंखलाचलाने वाले, रेस्टोरेंट चलाने वाले, लोहा सरिया व्यापारी, भवन निर्माण सामाग्री बेचने वाले तथा गांवों के किराना व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के दायरे में लाना होगा। हालांकि जीएसटी पंजीककरण के दायरे को बढ़ाने की इन कोशिशों का विरोध भी शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा है कि प्रदेश सरकार की छोटे व्यापारियों के उत्पीडऩ की साजिशों की विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी की मूल अवधारणा है ऑनलाइन सिस्टम व इसमें व्यापारियों के सीधे पूछताछ या उनसे संपर्क का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापार मंडल जल्द ही एक बैठक बुलाने वाला है जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
Keyword: uttar pradesh, GST,,
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