बिजनेस स्टैंडर्ड - कैसे हासिल करें निष्क्रिय खाते में पड़ी रकम
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, February 25, 2020 05:48 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

कैसे हासिल करें निष्क्रिय खाते में पड़ी रकम

बिंदिशा सारंग /  January 19, 2020

बता सकते हैं कि 4.7 करोड़ और 14,307 का क्या मतलब है? ये आंकड़े बैंक खातों के हैं, जिनमें ऐसी रकम पड़ी है, जिस पर किसी ने दावा ही नहीं किया है। भारतीय रिजर्व बैंक के हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक यह रकम भारतीय बैंकों में बेकार पड़ी हुई है और इनमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल नहीं किए गए हैं। नागपुर में रहने वाले प्रमाणित वित्तीय योजनाकार रंजीत दानी का कहना है, 'ऐसे निष्क्रिय या परिचालन से बाहर खाते होने की दो वजहें हैं। पहली वजह नौकरी बदलना है क्योंकि हर नई नौकरी में आपका नया बैंक खाता खुल जाता है। लेकिन पुराने खाते अक्सर बंद नहीं किए जाते और इस्तेमाल भी नहीं किए जाते। कई बार तो सालों तक उनकी याद भी नहीं रहती। दूसरी वजह लोगों का गुजर जाना है। वे लोग जीवित रहते हुए अपने परिजनों को यह बताना भूल जाते हैं कि अमुक बैंकों में उनके खाते हैं।'

अगर आप अपने खाते में 12 महीने से अधिक समय तक कोई लेनदेन नहीं करते हैं तो वह निष्क्रिय हो जाता है। यदि आप खाते में 24 महीने तक लेनदेन नहीं करते तो उसे बैंक की भाषा में 'डॉरमैंट' करार दिया जाता है। रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार डॉरमैंट खातों और निष्क्रिय खातों में किसी तरह का फर्क नहीं होता।

ऐसे डॉरमैंट या निष्क्रिय खातों की अपनी अलग समस्या होती हैं और उनसे कुछ जोखिम भी जुड़े रहते हैं। पहले तो इस्तेमाल नहीं किए जा रहे खाते में पड़े धन पर केवल 4 फीसदी ब्याज मिलेगा, जो नवंबर के 5.54 फीसदी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से भी कम है। यदि इसी रकम को पीपीएफ में निवेश किया जाता तो 8.65 फीसदी प्रतिफल हासिल होता।

दानी आगाह करते हैं, 'ऐसे खाते बेईमान बैंक कर्मचारियों के लिए आसान शिकार की तरह होते हैं और वे इसमें से धन निकाल सकते हैं। उनका इस्तेमाल काले धन को सफेद बनाने में भी किया जा सकता है।' आखिरी दिक्कत यह है कि बैंक निष्क्रिय खातों को संभालने के एवज में हर साल 250 से 750 रुपये तक लेते हैं। आम तौर पर यह रकम जमा हो रहे ब्याज में से काट ली जाती है। यदि आप न्यूनतम रकम नहीं रख रहे हैं तो आप पर जुर्माना भी लग सकता है। 

कैसे वापस मिले रकम?

रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों के लिए दस साल या उससे अधिक समय से निष्क्रिय पड़े खातों की सूची अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करना अनिवार्य है। बैंकबाजार डॉट कॉम के मुख्य कार्य अधिकारी आदिल शेट्टी समझाते हैं, 'सबसे पहले निष्क्रिय खाते का ब्योरा जांचिए। यदि आपका अपना खाता है तो आपको उस रकम का दावा करने के लिए फॉर्म भरना होगा, जो आपके खाते में पड़ी है। उसके साथ आपको पहचान का वैध प्रमाण और पते का सबूत भी जमा करना होगा। यदि आप खाताधारक के कानूनी वारिस हैं तो आपको दावे के फॉर्म और पहचान एवं पते का सबूत के साथ खाताधारक का मृत्यु प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा। ध्यान रहे कि आपको जांच के लिए सभी मूल प्रमाणपत्र भी बैंक के सामने पेश करने होंगे।' बैंक दावे की समीक्षा करेगा और दावा मंजूर होने पर उसे निपटाने की सामान्य प्रक्रिया अपनाएगा। 

दावा नहीं किया तो?

यदि दस साल या उससे ज्यादा समय तक रकम का दावा नहीं किया गया तो रिजर्व बैंक के निर्देश के अनुसार यह रकम जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष में जमा कर दी जाएगी। शेट्टी बताते हैं, 'रकम उस कोष में चली गई हो तो भी खाता धारक उसका दावा कर सकते हैं। उस सूरत में उन्हें जो रकम मिलेगी, उसमें खाते में पड़ा धन तो शामिल होगा ही, उस बैंक द्वारा दिया गया ब्याज भी जुड़ा होगा। रकम पर ब्याज जुड़ता रहेगा।' यदि सावधि जमा (एफडी) के परिपक्व होने पर भी दावा नहीं किया गया है तो उस पर परिपक्वता की अवधि के बाद से बचत खाते की दर पर ब्याज मिलेगा। ध्यान रखिए कि बचत बैंक खातों पर ब्याज दिया ही जाता है चाहे बैंक खाता चल रहा हो या निष्क्रिय पड़ा हो। अच्छा तो यही है कि वेतन खाते के अलावा आपके दो से अधिक खाते नहीं हों। ये ही आपके प्राथमिक खाते होंगे। दानी की सलाह है, 'जैसे ही वेतन आपके खाते में आता है, उसे बाकी दोनों बचत खातों में भेज दीजिए। एक खाता खर्च के लिए होगा और दूसरा निवेश खाते के तौर पर चलाइए।' अपने सभी खर्च पहले वाले खाते से कीजिए और निवेश की जरूरतें दूसरे खाते से पूरी कीजिए। दानी कहते हैं कि इस तरह आप अपनी सभी वित्तीय जानकारी भी व्यवस्थित तरीके से रख सकेंगे।
Keyword: bank, account holder, RBI, Reserve Bank, Nagpur, bank account, job, Gramin Bank, Fixed deposit, bank deposit, FD,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या कोरोनावायरस के खतरे से जल्द निपट पाएगी दुनिया?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.