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पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाने में नाकाम

एजेंसियां /  January 16, 2020

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का मुद्दा उठाने की बार-बार कोशिश करने पर पाकिस्तान की निंदा की है, जहां उसे चीन की मदद के बावजूद फिर से मुंह की खानी पड़ी। सुरक्षा परिषद में बुधवार को पाकिस्तान को कश्मीर का मुद्दा उठाने पर किसी का समर्थन नहीं मिला और उसके पाले में खड़ा उसका सदाबहार सहयोगी चीन अलग-थलग पड़ गया। सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य देशों ने कहा कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला है। इससे पूर्व, चीन ने सुरक्षा परिषद के विमर्श कक्ष में बंद कमरे में हुए विचार-विमर्श के दौरान अन्य मुद्दों के तहत कश्मीर मुद्दे को उठाने की ताजा पैरवी की।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि कई मित्रों ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत तथा पाकिस्तान के संबंधों के बीच मौजूद समस्याओं को उठाने और उससे निपटने के लिए कई द्विपक्षीय तंत्र हैं। सुरक्षा परिषद की बैठक में शामिल हुए एक यूरोपीय सूत्र ने बताया कि बंद कमरे की बैठक में कश्मीर मुद्दे को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया। यूरोप के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि मामले को द्विपक्षीय तौर पर निपटाया जाना चाहिए और यह उनका (भारत-पाकिस्तान) आपसी मामला है।

स्थायी सदस्यता पर मतभेद

चीन ने भारत और ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के दावे को कमतर करने का प्रयास करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर बड़े मतभेद हैं और इसके साथ ही पैकेज समाधान का समर्थन किया। उल्लेखनीय है कि रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव ने बुधवार को दिल्ली दौरे के दौरान सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया था। 

लावरोव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि विश्व निकाय में सुधार के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों में मतभेद हैं। चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से एक है और उसके पास वीटो शक्ति है। संयुक्त राष्ट्र के शक्तिशाली निकाय सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की भारत की कोशिश को चीन वर्षों से आम सहमति नहीं होने का हवाला देकर टाल रहा है जबकि अन्य चार स्थायी सदस्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस ने दिल्ली की सदस्यता का समर्थन किया है। चीन के नजदीकी और मित्र देश पाकिस्तान ने भारत की स्थायी सदस्यता का विरोध किया है। 

संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए मिलकर काम करने और दबाव बनाने के लिए भारत, जर्मनी, ब्राजील और जापान ने जी-4 समूह बनाया है। चीन ने हालांकि, वर्ष 2021-22 के लिए सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के लिए भारत का समर्थन किया है।
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