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फसल बीमा के लिए उपाय योजनाएं

सुशील मिश्र / मुंबई January 16, 2020

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल बीमा कंपनियां अधिक जोखिम वाले इलाकों में बोली लगाने के लिए तैयार नहीं हैं। महाराष्ट्र के 10 सूखा प्रभावित जिलों में एक भी कंपनी फसलों का बीमा करने के लिए आगे नहीं आई। इन जिलों में सरकार फसल बीमा योजना को प्रभावपूर्ण तरीके से चलाने के लिए उपाय योजनाएं चलाने का निर्णय लिया है।

रबी सीजन 2019 के लिए बीमा कंपनियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। मंत्रिमडल की बैठक में ऐसे 10 जिलों में व्यावहारिक नीति से निर्णय लेने के संदर्भ में उपाय योजनाएं चलाने के लिए मंत्रिमंडल उपसमिति की स्थापना की मंजूरी दी गई है। यह समिति खरीफ सीजन 2020 में ऐसी ही स्थिति होने पर फसल बीमा और फल फसल बीमा योजना के संदर्भ में आवश्यक उपाय योजना बताएगी, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही वर्तमान योजनाओं की विविध त्रुटियां भी दूर करने के लिए उपाय योजना के बारे में भी बताएगी।

राज्य सरकार की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया है कि राज्य के अनिश्चित मौसम के मद्देनजर किसानों को उनके पूरे उत्पादन का सही मुआवजा मिले, इसलिए राज्य में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना चलाई जा रही थी। राज्य में वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा था। राज्यस्तर पर ई-निविदा पद्धति से जिलास्तर पर योजना के क्रियान्वयन का चयन केंद्र सरकार की निश्चित की हुई 18 कंपनियों से होता है।

आईसीआईसीआई लोंबार्ड इंश्योरेंस, टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस, चोलामंडलम जनरल इंश्योरेंस और श्रीराम जनरल इंश्योरेंस ने योजना में राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता रोक दी है। योजना के क्रियान्वयन में समस्याओं के कारण बीमा कंपनियों के टेंडर प्रक्रिया में प्रतिसाद प्रत्येक फसल सीजन में कम हो रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की सहभागिता बढ़ते देख और बीमा किस्त अनुदान में हो वृद्धि होने पर किसानों को फसल बीमा नहीं मिलने को लेकर भी शिकायतें बड़े पैमाने पर प्राप्त हो रही है।

राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल कृषि अधिकारियों ने बताया कि रबी फसल सीजन  2019 के लिए बीमा कंपनियों की ओर से प्रतिसाद प्राप्त नहीं होने से 10 जिलों में अभी तक योजना लागू करना संभव नहीं हुआ है। इन 10 जिलों में फसल जोखिम व्यवस्थापन करना आवश्यक है। अत: मंत्रिमंडल उपसमिति की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है।

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