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बाजार में तेजी का दौर बने रहने के आसार

बीएस बातचीत
विशाल छाबडिय़ा /  January 12, 2020

कार्नेलियन कैपिटल एडवाइजर्स के संस्थापक विकास खेमानी ने विशाल छाबडिय़ा के साथ साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध से बाजार में गिरावट देखी गई, लेकिन कोई भी गिरावट एक अवसर है, खतरा नहीं। उनका कहना है कि प्रमुख सूचकांक वर्ष 2020 में 18-20 प्रतिशत का रिटर्न देंगे। पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश: 

अमेरिका-ईरान गतिरोध पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? भारतीय बाजार और आय के लिए इसका क्या असर पड़ेगा?

अल्पावधि प्रभाव तेल कीमतों में वृद्घि से जुड़ा है, यही वजह है कि बाजार में कुछ कमजोरी आई है। अब यह अस्थायी दिख रहा है और महाभियोग (अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर) से ध्यान हटाने के उद्देश्य के साथ आगामी अमेरिकी चुनाव पर नजर रहेगी। हालांकि इसकी आशंका नहीं है कि यह कोई बड़ा संकट होगा, लेकिन इसका अंदाजा लगाना कठिन है कि इसका प्रभाव कैसे और कब तक दूर होगा। कुछ वजहों से, यदि यह लंबा चलता है तो बाजारों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। हालांकि किसी गिरावट को शेयर खरीदने के अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए, क्योंकि काफी चीजें किसी चुनौती की आशंका के बजाय अच्छी स्थिति में और सही दिशा में हैं। 

सरकार ने कई कदम उठाए हैं, लेकिन आय और आर्थिक संकेतक कमजोर बने हुए हैं। क्या आप मानते हैं कि ये कदम वृद्घि में तब्दील होंगे?

आर्थिक वृद्घि में मंदी की सबसे बड़ी वजह आईएलऐंडएफएस संकट के बाद से पूंजी या ऋण का अभाव है। 20 और 25 प्रतिशत के बीच तेजी से बढ़ रहीं एनबीएफसी पर दबाव दिखना शुरू हो गया है। व्यवस्था में हर साल पहुंचने वाली लगभग 6-8 लाख करोड़ रुपये की पूंजी प्रभावित हुई है। इसका मकानों और वाहनों की बिक्री आदि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि इन्हें मुख्य तौर पर ऋण के जरिये खरीदा जाता है। छोटे व्यवसासियों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। हालांकि हम अभी भी ऋण को लेकर सामान्य स्थिति में नहीं हैं, लेकिन हालात में सुधार आ रहा है। इसलिए, जहां सभी उपाय स्वागत योग्य हैं और इनसे वृद्घि को मदद मिलेगी, वहीं बड़ा बदलाव ऋण वृद्घि में सुधार के साथ दिखेगा। 

कंपनियों के लिए नकदी और कोष की लागत कब तक सामान्य हो जाने की संभावना है?

रियल एस्टेट के लिए सरकार की फंडिंग योजना, आरबीआई द्वारा एसएमई के फंसे कर्ज की पहचान में मार्च 2020 तक के विलंब की अनुमति दिए जाने, और बैंकों के पुनर्पॅंजीकरण जैसे उपायों के साथ इसकी शुरुआत हो चुकी है जिससे जोखिम की भूख बढ़ाने में मदद मिलेगी। अगले 6 से 12 महीनों के दौरान इसमें सुधार आएगा, लेकिन ऋण वृद्घि के संदर्भ में 20 प्रतिशत पर पहुंचने में एक या दो वर्ष और लग सकते हैं। 

वित्त वर्ष 2021 के लिए आपका आय अनुमान क्या है?

ऋण वृद्घि से जुड़ी समस्याओं की वजह से वित्त वर्ष 2021 में आय वृद्घि बहुत ज्यादा शानदार नहीं रह सकती है। यह 13-15 प्रतिशत रहने का अनुमान है। लेकिन हमें मजबूत वृद्घि की जरूरत है और शानदार वृद्घि की वापसी देखना चाहेंगे। 

 

बाजारों के लिए नकदी की स्थिति कैसी है?

हमें बाजारों के लिए वैश्विक और स्थानीय, दोनों के संदर्भ में नकदी परिवेश बेहद सकारात्मक बने रहने का अनुमान है।  

2020 के लिए बाजार के बारे में आपका क्या नजरिया है?

हम बेहद आशान्वित हैं। आसान वैश्विक और स्थानीय तरलता और वृद्घि के लिए कई संरचनात्मक कारकों के साथ बाजार में अगले चार-पांच वर्षों के दौरान तेजी के दौर बना रहेगा। 2020 का वर्ष बाजार के लिए 2019 की तुलना में बेहतर रहेगा। यदि प्रमुख बाजार 18-20 प्रतिशत का प्रतिफल नहीं देते हैं तो यह आश्चर्यजनक होगा।

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