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सहालग का सीजन, आभूषण खरीदार नदारद

सिद्धार्थ कलहंस / लखनऊ January 12, 2020

सहालग के सीजन में सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका और बीते 10 दिनों से सोने के दामों में हो रही बढ़ोतरी के चलते इस पीक सीजन में खरीदार बाजार से गायब हैं। राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा सहित प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में सराफा बाजार का यही हाल है।

लखनऊ के सराफा कारोबारियों का कहना है कि बीते कई वर्षों में बाजार में इस तरह सन्नाटा कभी नहीं देखा गया है। कारोबार घटकर एक चौथाई रह गया है। सामान्य दिनों के बराबर भी कारोबार सहालग के इस सीजन में नहीं मिल पा रहा है। उत्तर भारत में सहालग 15 जनवरी के बाद से शुरू हो रही है। सहालग के पहले के 15 दिनों से लेकर होली तक सराफा बाजार के लिए पीक सीजन माना जाता है। इन दिनों सामान्य से दोगुना कारोबार होता है। राजधानी के सराफा कारोबारियों का कहना है कि ब्रांडेड शोरूम से लेकर छोटे व कम कीमत के गहने बेचने वालों तक के यहां खरीदारों का टोटा है।

दरअसल ईरान के साथ अमेरिका की तनातनी के बाद पिछले 10 दिनों में सोने कीमतों में दो से तीन हजार रुपये का इजाफा हुआ है। आने वाले दिनों में इसके और भी ऊपर जाने का अंदेशा है। लखनऊ के सराफा कारोबारी अनिल वर्मा का कहना है कि सहालग के चलते बड़ी तादाद में लोगों ने गहनों का स्टॉक जोड़ लिया था, अब पैसे फंस गए हैं और ग्राहक आ नहीं रहे हैं। उनका कहना है कि जीएसटी और दूसरी बंदिशों के कारण गहनों की बिलिंग डिलिवरी वाले दिन ही करनी होती है। ग्राहकों को डिलिवरी वाले दिन का रेट लगाना होता है जिसके चलते अग्रिम बुकिंग भी नहीं हो रही है। वर्मा का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में कम से कम 100 करोड़ रुपये का नुकसान अकेले लखनऊ के सराफा बाजार को हुआ है। 

लखनऊ के अलावा पूर्व में वाराणसी और पश्चिम में आगरा का सराफा बाजार है। लेकिन इस बार सहालग में इन शहरों में भी धंधा मंदा ही जा रहा है। राजधानी के पुराने सराफा कारोबारी अमित गुप्ता का कहना है कि सहालग के सीजन में सराफा कारोबारी दिहाड़ी पर कारीगर रखते थे लेकिन इन दिनों अपने कर्मचारियों के लिए ही काम नहीं है। गुप्ता के मुताबिक गुरुवार को सोने के दाम राजधानी में 40,900 रुपये प्रति दस ग्राम था और आशंका है कि यह और भी बढ़ेगा। सहालग की खरीदारी के नाम पर अगर कुछ हो रहा है तो वह पुराने गहनों की अदला-बदली या उन्हें नए सिरे से बनवाने का काम आ रहा है। सहालग में आमतौर पर लखनऊ में हर रोज 50 करोड़ रुपये आभूषण बिकते हैं जो इस बार महज 15 करोड़ रुपये पर सिमट गया है। 

सोने के साथ ही चांदी के दामों में भी तेजी आने से इसके भी ग्राहक घटे हैं। छोटे बाजारों में तो चांदी की खरीदारी में कुछ तेजी है लेकिन वह भी बड़ी मात्रा में नहीं हो रही है।
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