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गैर-सूचीबद्घ पीएमएस फर्में लाएंगी बदलाव

सचिन मामबटा / मुंबई January 08, 2020

पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (पीएमएस) के लिए नए नियमों की घोषणा के बाद पोर्टफोलियो प्रबंधकों को अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ रहा है। इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के अनुसार, ये पीएमएस प्रदाता गैर-सूचीबद्घ प्रतिभूतियों में निवेश पर प्रतिबंध के बाद अब निवेश का पुनर्गठन कर रहे हैं। कुछ कंपनियां नई योजनाओं के लिए अपने आवेदन वापस ले रही हैं, जबकि अन्य गैर-पीएमएस ढांचे के इस्तेमाल की संभावना तलाश रही हैं। 

पीएमएस प्रदाताओं को परामर्श सेवा मुहैया कराने वाले एक व्यक्ति ने कहा, 'हमने बड़ी तादाद में उन लोगों की मदद की है, जो खासकर गैर-सूचीबद्घ प्रतिभूतियों में निवेश चाहते हैं। हालांकि नए नियमों को अधिसूचित नहीं किया गया है, इसलिए हमने इन्हें स्पष्टï रूप से वापस लिए जाने को कहा है।' इस घटनाक्रम से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने कहा, 'पिछले दो-तीन महीनों में, बाजार नियामक सेबी ने उन लोगों के खिलाफ दबाव बनाया जो वैकल्पिक निवेश फंडों (एआईएफ) के तहत आवेदन कर रहे थे।'

गैर-सूचीबद्घ प्रतिभूतियां ऐसा निवेश होती हैं जिसका स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार नहीं होता है। शेयर बाजारों पर कारोबार के लिए ऐसे निवेश का प्रवेश और निकासी बेहद कठिन समझी जाती है। सेबी ने नवंबर में हुई अपनी बोर्ड बैठक में पीएमएस योजनाओं में ऐसी प्रतिभूतियों पर प्रतिबंध लगाया था। बैठक में कहा गया कि डिस्क्रेशनरी पोर्टफोलियो प्रबंधक सिर्फ सूचीबद्घ प्रतिभूतियों, डेट योजनाओं, म्युचुअल फंडों के यूनिट और अन्य योजनाओं में निवेश करते हैं। 

मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट के सहायक निदेशक एवं निवेश प्रमुख आशीष शंकर ने कहा कि गैर-इक्विटी फंडों पर ज्यादा प्रभाव पडऩे की आशंका है। कुछ रियल एस्टेट और निजी इक्विटी फंड हैं जो सह-निवेश के लिए पीएमएस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं, जिससे निवेशकों को फंड में अपने निवेश के अलावा कंपनी में अतिरिक्त रकम लगाने की अनुमति मिल सकती है। इससे रियल एस्टेट या निजी इक्विटी जैसे गैर-इक्विटी उत्पादों पर प्रभाव पड़ेगा।

एक अन्य विश्लेषक ने कहा कि खासकर रियल एस्टेट फंड गैर-सूचीबद्घ प्रतिभूतियों में निवेश के लिए पीएमएस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि जहां वे एआईएफ विकल्प तलाश सकते हैं, वहीं एआईएफ व्यवस्था के लिए कराधान को लेकर कम निश्चितता है, और न्यूनतम निवेश 1 करोड़ रुपये है। पीएमएस योजनाओं के लिए घोषित न्यूनतम निवेश 50 लाख रुपये है।
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