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विलय के बाद सरकारी बैंकों का हो नया नाम

नम्रता आचार्य / कोलकाता January 03, 2020

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय में महज एक तिमाही शेष है, वहीं इनमें से कुछ बैंकों ने विलय के बाद बनी इकाई का नया नाम रखे जाने की मांग की है। एक सूत्र के मुताबिक यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया ने सरकार को पत्र लिखकर पंजाब नैशनल बैंक और ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स के साथ विलय से बने बैंक का नया नाम रखे जाने की मांग की है। 

सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक के साथ होना है। सिंडिकेट बैंक के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि बैंक सरकार को नया नाम दिए जाने के बारे में खत लिखने की योजना बना रहा है। विजया बैंक और देना बैंक का बैंक आफ बड़ौदा के साथ विलय मेंं सभी तीन बैंकों का लोगो बरकरार रखा गया है, जिसमें बैंक आफ बड़ौदा का लोगो प्रमुखता से दिखाकर टैगलाइन दी गई है, 'पॉवर आफ थ्री'। 

बहरहाल गैर प्रमुख बैंक इस बार बैंक आफ बड़ौदा की तरह ब्रांडिंग के पक्ष में नहीं हैं। यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'उस नाम में सभी तीनों बैंकों की पहचान शामिल होनी चाहिए। यही वजह है कि हमने सरकार से अनुरोध किया है कि नया नाम दिया जाए।' पीएनबी, ओबीसी और यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया के विलय की ब्रांडिंग की कवायद में लगी समिति भी विलय के बाद बनने वाली इकाई का उचित नाम दिए जाने के लिए एक बाहरी एजेंसी से मदद लेने पर विचार कर रही है। 

सिंडिकेट बैंक के एमडी और सीईओ मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 'कर्मचारियों के एक समूह की मांग है कि सिंडिकेट बैंक की पहचान बरकरार रखी जाए। बहरहाल प्रबंधन ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।' इंडियन बैंक और इलाहाबाद बैंक के विलय के मामले में इलाहाबाद बैंक ने सुझाव दिया है कि बैंक का लोगो बरकरार रखा जाना चाहिए और उसने मिलाकर एक नाम दिए जाने जैसी कोई मांग नहीं रखी है। इलाहाबाद बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अगर नया नाम रखा जाता है तो ब्रांड की पहचान प्रभावित होगी। इससे परिचालन पर असर पड़ सकता है।' 

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर 4 बैंक बनाने की घोषणा की थी। पंजाब नैशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया को मिलाकर देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनेगा। केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक को मिलाकर एक बैंक बनाया जाएगा। यूनियन बैंक आफ इंडिया के साथ आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक मिलेंगे। इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक को मिलाया जाएगा। इस विलय मेंं प्रमुख बैंक पंजाब नैशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक और इंडियन बैंक होंगे। बैंक के नाम में बदलाव एक लंबी प्रक्रिया है, जिसके गजट अधिसूचना को संसद की मंजूरी लेनी होगी। विलय की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 1 अप्रैल 2020 अंतिम तिथि रखी गई है। 
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