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अमेरिकी हमले से बाजार फिसले

एजेंसियां /  January 03, 2020

इराक में अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के एक शीर्ष सैन्य कमांडर के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढऩे की आशंका से आज कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल करीब 3 डॉलर की उछाल आई और सोना, येन तथा सुरक्षित समझे जाने वाले बॉन्ड भी चढ़ गए।

कुद्स फोर्स के प्रमुख और ईरान के मेजर जरनल कासिम सुलेमानी की मौत और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी की बदले की धमकी से दुनिया भर के कारोबारी दहशत में दिखे। ब्रेंट कच्चा तेल 4.5 फीसदी की बढ़त के साथ 69.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया जो सितंबर के बाद उसका उच्चतम स्तर है। दुनिया भर के तेल बाजारों में इसका असर देखा गया। यूरोप का स्टॉक्स 600 और वाल स्ट्रीट वायदा में करीब एक फीसदी की गिरावट आई। येन डॉलर के मुकाबले आधा फीसदी चढ़कर दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह स्विस फ्रैंक भी यूरो के मुकाबले सितंबर के बाद उच्चतम स्तर पर चढ़ गया। 

सुलेमानी बगदाद के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अमेरिकी हमले में मारे गए। इससे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। इस हमले के बाद ईरान और आसपास के क्षेत्रों में संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। निवेशकों को आशंका है कि इस संघर्ष का असर पश्चिम एशिया में कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में भूराजनीतिक टकराव बढऩे के जोखिम के बीच भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली का जोर रहा और प्रमुख शेयर सूचकांक गिरावट में रहे। 

वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट आई। निवेशकों ने इसके बाद सोना तथा जापानी येन जैसे सुरक्षित निवेश को तरजीह दी। एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि खुद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सुलेमानी को मारने के आदेश दिए थे। सुलेमानी की मौत के बाद ट्रंप ने बिना किसी विस्तृत जानकारी के अमेरिकी झंडा ट्वीट किया था। खामेनी ने इसका कड़ा प्रतिशोध लेने का संकल्प लिया और देशभर में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि ईरान और क्षेत्र के आजाद देश सुलेमानी की मौत का बदला अमेरिका से लेंगे। 

इस घटनाक्रम के बाद हालात बिगडऩे की आशंका को देखते हुए बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने इराक में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोडऩे के लिए कहा है। इस बीच रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि यह एक दुस्साहिक कदम है, लेकिन इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा। चीनी ने कहा कि वह हमेशा से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग का विरोध करता रहा है।
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