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अक्टूबर में जियो से जुड़े 91 लाख ग्राहक

रोमिता मजूमदार / मुंबई December 30, 2019

इस साल का त्योहारी सीजन मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस जियो के लिए अच्छा रहा और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर माह में कंपनी के ग्राहकों की संख्या में तेज बढ़ोतरी हुई है। जियो ने बताया कि अक्टूबर माह में कंपनी के ग्राहकों में 91 लाख नए ग्राहक जुड़े हैं और यह तीसरी बार है जब किसी एक माह में 90 लाख से अधिक नए ग्राहक कंपनी से जुड़े। 

इससे पहले जनवरी 2019 में जियो ने 93 लाख तथा फरवरी 2019 में 94 लाख नए ग्राहक जोड़े थे। प्रतिस्पर्धी दूरसंचार कंपनियां वोडाफोन-आइडिया और भारती एयरटेल के ग्राहकों में मामूली बढ़ोतरी हुई है और दोनों कंपनियों ने क्रमश: 1,89,901 तथा 81,974 नए ग्राहकों को जोड़ा। वायरलैस सबस्क्रिप्शन के मामले में वोडाफोन-आइडिया की कुल बाजार हिस्सेदारी 31.49 प्रतिशत है। इसमें जियो की 30.79 प्रतिशत तथा एयरटेल की 27.52 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने बताया था कि सितंबर महीने में उनके कुल ग्राहकों की संख्या में 49 लाख की कमी आई थी। वहीं, जियो भी सितंबर महीने में नए ग्राहकों की औसत संख्या को बरकरार नहीं रख सका तथा 70 लाख से भी कम नए ग्राहकों को ही जोड़ सका। अक्टूबर महीने के आखिर में जियो ने दूसरे नेटवर्क पर फोन कॉल करने पर इंटरकनेक्शन शुल्क लगाने की घोषणा की थी। हालांकि इस कदम का पूरा असर नवंबर के आंकड़ों में दिखाई देगा। 

भारत में टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या सितंबर के 119.52 करोड़ से बढ़कर अक्टूबर में 120.48 करोड़ हो गई है और इस लिहाज से मासिक वृद्धि दर 0.80 प्रतिशत रही। अक्टूबर माह में शहरी उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 68.16 करोड़ हो गई जो सितंबर माह में 67.79 करोड़ थी। इसी तरह, ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या अक्टूबर माह में 52.31 करोड़ हो गई जो सितंबर माह में 51.72 करोड़ थी। इस तरह, अक्टूबर महीने में मासिक आधार पर ग्राहक सबस्क्रिप्शन वृद्धि दर ग्रामीण क्षेत्र में 1.14 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 0.55 प्रतिशत रही।

जम्मू एवं कश्मीर क्षेत्र में इस महीने वायरलैस सबस्क्रिप्शन वृद्धि दर नकारात्मक 0.39 प्रतिशत रही। इस अवधि में सर्वाधिक वायरलैस सबस्क्रिप्शन वृद्धि दर मध्य प्रदेश सेवा क्षेत्र में (2.86 प्रतिशत) रही। अक्टूबर माह में वायरलाइन सबस्क्रिप्शन 0.20 प्रतिशत गिरावट के साथ 214.9 लाख से घटकर 214.5 लाख रह गया। वायरलाइन सबस्क्रिप्शन आंकड़ों में शहरी और ग्रामीण हिस्सेदारी क्रमश: 87.49 प्रतिशत और 12.51 प्रतिशत रही है। शीर्ष पांच वायरलाइन ब्रांडबैंड सेवा प्रदाताओं में बीएसएनएल (86.2 लाख), भारती एयरटेल (24 लाख), अटरिया कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज (14.9 लाख), हैथवे केबल ऐंड डेटाकॉम (8.7 लाख) और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (7.9 लाख) शामिल हैं। शीर्ष पांच वायरलैस ब्रांडबैंड सेवा प्रदाताओं में रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (3642.3 लाख), भारती एयरटेल (1304.5 लाख), वोडाफोन आइडिया (1157.8 लाख), बीएसएनएल (136.4 लाख) और एमटीएनएल (दो लाख) शामिल हैं।  

चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करेगा वेब पोर्टल 

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहने वालों लोगों को अपने मोबाइल फोन खोने पर थोड़ी राहत मिल सकती है क्योंकि केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है जो चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने तथा ट्रैक करने में सक्षम होगा। यह पहल इस साल सितंबर में मुंबई में शुरू की गई थी और अब इसे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए भी शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2020 में इसे देश के अन्य हिस्सों में विस्तारित किया जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए शुरू किए गए सीईआईआरडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही, संबंधित मोबाइल फोन को सभी मोवाइल नेटवर्क के लिए ब्लॉक करने, मोबाइल को ट्रैक करने तथा संबंधित डेटा पुलिस के साथ साझा करने के विकल्प मौजूद हैं। मोबाइल मिलने पर उसे अनब्लॉक किया जा सकता है। 

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