बिजनेस स्टैंडर्ड - निवेशकों की पसंद बन रहे चीनी कंपनियों के शेयर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, January 22, 2020 10:54 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

निवेशकों की पसंद बन रहे चीनी कंपनियों के शेयर

उज्ज्वल जौहरी /  December 29, 2019

चीनी उत्पादन मौसम अनुकूल होने के साथ अगर चीनी उत्पादक कंपनियों के शेयरों में तेजी आ रही है तो इसमें किसी तरह के आश्चर्य की बात नहीं है। उदाहरण के लिए ईआईडी-पैरी, बलरामपुर चीनी, त्रिवेणी इंजीनियरिंग, द्वारिकेश शुगर और धामपुर शुगर में तेजी आई है और अगस्त के अपने निचले स्तरों से ये 30-58 प्रतिशत तक उछल गए हैं। इनमें हाल में ही बलरामपुर चीनी अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और इस समय उन्हीं स्तरों पर कारोबार कर रही है।  

चीनी भंडार में कमी और खरीद कीमतें स्थिर रहने से चीनी उत्पादक कंपनियां लाभ अर्जित करने की स्थिति में आ गई हैं। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार 1 अक्टूबर 2019 से आरंभ चालू चीनी सत्र (2019-20) में चीनी उत्पादन में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत कमी आई है। उत्तर प्रदेश को छोड़कर महाराष्ट्र (देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश) और कर्नाटक में उत्पादन में कमी दर्ज की गई है। 

चालू सत्र में चीनी उत्पादन 2.65 करोड़ टन रहने का अनुमान र्ह, जो 2019-19 के चीनी सत्र (1 अक्टूबर 2018 से 30 सितंबर 2019) के 3.31 करोड़ टन से कम रहेगा। उत्पादन में कमी से चीनी का पुराना भंडार कम जरूर होगा, वहीं अनुकूल सरकारी नीतियां जैसे 60 लाख टन तक चीनी के निर्यात की अनुमति आदि सकारात्मक हैं। चीनी के रस से बनने वाले एथनॉल और 'बी' एवं 'सी' प्रकार शीरे की ऊंची कीमतें भी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की तरफ से एथनॉल की खरीदारी से संबंधित नई निविदाओं की तादाद बढ़ रही है। 

इलारा कैपिटल के विश्लेषकों का कहना है कि चीनी मिलों और स्वतंत्र डिस्टिलरियों ने 163 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की पेशकश की है और इनमें गन्ना रस से बनने वाले एथनॉल और 'बी' श्रेणी के 73 करोड़ लीटर भारी शीरे की मात्रा पिछले वर्ष की मात्रा से दोगुनी है। इस लिहाज से विश्लेषकों का मानना है कि चालू सत्र में पिछले सत्र के मुकाबले एथनॉल  उत्पादन के लिए अधिक मात्रा में गन्ने का इस्तेमाल होगा। 

इंटरनैशनल शुगर एसोसिएशन से भी चीनी कंपनियों को अच्छी खबरें मिल रही हैं। एसोसिएशन ने वैश्विक स्तर पर चीनी की कमी से जुड़ा अनुमान संशोधित कर दिया है। इसके अनुसार दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक देशों थाईलैंड, भारत, यूरोप, ब्राजील आदि में चीनी उत्पादन के अनुमानों में कमी से यह परिस्थिति उत्पन्न हुई हैं। इससे घरेलू स्तर पर चीनी कंपनियों की प्राप्तियां बढेंग़ी और इससे भारतीय उत्पादकों को निर्यात के मोर्चे पर भी मदद मिलेगी।

अनुकूल चालू चीनी सत्र में बलरामपुर चीनी जैसी मजबूत बहीखाते वाली कंपनियां विश्लेषकों की पहली पसंद हैं। हालांकि दूसरी कंपनियों को भी लाभ मिलता दिख रहा है। चीनी उत्पादक कंपनियों के शेयरों के लिए परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल दिख रही हैं। गन्ना उत्पादन बेहतर रहने से उत्तर प्रदेश से जुड़ीं कंपनियों को अधिक लाभ मिल सकता है। इनकी तुलना में महाराष्टï्र, कर्नाटक और तमिलनाडु पर केंद्रित कंपनियों का चीनी उत्पादन अपेक्षाकृत कम 

हो रहा है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें इस साल ओएमसी को अधिक मात्रा में एथनॉल की आपूर्ति करेंगी। बलरामपुर चीनी की 160,000 लीटर प्रति दिन क्षमता वाला संयंत्र अपनी क्षमता 2018-19 में 11 करोड़ लीटर क्षमता को 2020-21 को बढ़ाकर 17 करोड़ लीटर करेगी। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि वित्त वर्ष 2019-21 के दौरान कंपनी की एथनॉल की बिक्री में 30.6 प्रतिशत वृद्धि होगी। एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लाभ धामपुर शुगर को भी मिल सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि 'बी' भारी शीरे का इस्तेमाल कर एथेनॉल का उत्पादन करने वाली यह पहली कंपनी है। द्वारिकेश शुगर ने भी हाल में ही 10,000 एलपीडी क्षमता वाले नए संयंत्र की शुरुआत की है। कंपनी की रोजाना 21,500 टन चीनी उत्पादन क्षमता है और वित्त वर्ष 2019 में इसकी शुगर रिकवरी दर सर्वाधिक रही थी।  
Keyword: Sugar mills, Sugar Economy, ISMA, Maharashtra, Selling Price, Sugar Stock, Farmer, Ethanol, थाईलैंड, भारत, यूरोप, ब्राजील,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दूरसंचार कंपनियों को मिलनी चाहिए भुगतान से राहत?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.