बिजनेस स्टैंडर्ड - दशक के बदलाव छोड़ेंगे सदी पर असर
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दशक के बदलाव छोड़ेंगे सदी पर असर

प्रांजल शर्मा / नई दिल्ली December 29, 2019

एक दशक पहले तक तकनीक हमारे जीवन का एक हिस्सा थी और अब यह हमारी जिंदगी बन गई है। बीता दशक इस बात के लिए याद किया जाएगा कि तकनीक ने हमारी जिंदगी को किस प्रकार बदल दिया और हम किस हद तक तकनीक का और अधिक उपयोग करने लगे। 

वर्ष 2010 से पहले इंटरनेट और मोबाइल केवल जरूरत पडऩे पर उपयोग में लाए जाते थे। वे ऑनलाइन खोज तथा कनेक्टिविटी के लिए उपकरण मात्र थे। आज हम इन पर पूरी तरह निर्भर हो गए हैं। ऑफिस का काम, आराम, रिश्ते, यात्रा और कारोबार, आदि सभी तकनीक से प्रभावित हो रहे हैं। पहले तकनीक ने सब कुछ आसान किया और आज तकनीक ही इस सब को चला रही है। पिछले दशक तक कांच का अर्थ वही था जो दशकों से समझा जाता रहा लेकिन अब कांच की एक परत को छूते ही हमारा सभी के साथ संपर्क हो जाता है।

एक टचस्क्रीन ने हमारे जीवन का खाका बदल दिया है। इसने हमें भाषायी सीमा के पार जाकर काम करने में मदद की है। साल 2007 में आए टच स्क्रीन आईफोन के बाद दूसरी मोबाइल कंपनियों ने भी इसका अनुसरण शुरू कर दिया। वर्ष 2010 के बाद से टचस्क्रीन उपकरण काफी लोकप्रिय हो चुके थे। पिछले एक दशक में टचस्क्रीन तकनीकी बदलाव का परिचायक रहा है। विभिन्न तकनीकों के समूह ने ग्राहकों के व्यवहार और कारोबारी मॉडल को पूरी तरह बदल दिया है। 

क्लाउड तकनीक, एआई

वीडियो स्ट्रीमिंग से लेकर कारोबार के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), सब कुछ क्लाउड पर सहेजा और चलाया जा रहा हैं। व्यक्तिगत तथा कारोबारी कंप्यूटिंग प्रक्रिया अब दूर स्थित सर्वर से आसानी से पूरी की जा सकती है। इसके चलते कंप्यूटिंग उपकरणों का संवर्धन हुआ और ऐप आधारित अर्थव्यवस्था का उभार हुआ। फ्लॉपी या सीडी डिस्क पर सॉफ्टवेयर अपग्रेड खरीदने वाला समय बदल गया अब एक क्लिक में अपग्रेड उपलब्ध है। सेहत का ध्यान रखने वाले और पहनने योग्य उपकरण आ चुके हैं और आपसे बात करने के लिए वर्चुअल असिस्टेंस मौजूद है। ऑनलाइन खोज भी कीबोर्ड से हटकर केवल बोलने तक सीमित होती जा रही है। 

इस सब चमत्कार के पीछे कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक का हाथ है जो ग्राहक की जरूरत का आंदाजा लगा लेती है। स्वचालन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्लाइड कंप्यूटिंग तथा एआई के साथ जोड़ दिए गए हैं। संसार वायरस सुरक्षा के बाद अब साइबर सुरक्षा की ओर बढ़ रहा है।    

कोई भी तकनीक 4जी कनेक्टिविटी के बिना इतनी कुशल, प्रभावी या लोकप्रिय नहीं हो पाती। सभी तरह की जानकारी तक पहुंच बनाने वाले सर्वर, भोजन से लेकर फैशन तक सभी जरूरतों के लिए खोज और कहीं भी सफर पर जाने के लिए राह दिखाने वाला इंटरनेट 4जी मोबाइल नेटवर्क के जरिये डेटा के अथाह भंडार तक पहुंच उपलब्ध कराने से ही संभव हो पाता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर हम सभी की अधीरता का समय घटकर केवल कुछ सेकंड तक सीमित हो गया है।

गूगल मैप पर किसी जगह जाने के लिए रास्ते की खोज में मामूली देरी होने पर हमें गुस्सा आ जाता है। यह सब 4जी पर हमारी निर्भरता के चलते हो रहा है। 4जी तकनीक को दिसंबर 2009 में लॉन्च किया गया और इसने पिछले 10 वर्षों में तीसरी पीढ़ी की मोबाइल कनेक्टिविटी की गति 10 गुना तक बढ़ा दी है। फोन निर्माताओं ने तेजी से उपकरणों का उन्नयन किया है और ऑनलाइन कारोबार बढऩे से पारंपरिक कारोबारी मॉडल लगभग खत्म हो गया है। वर्ष 2014 में 1.3 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 2023 तक इसका अनुमानित आकार 6.5 लाख करोड़ डॉलर हो जाएगा। 4जी तकनीक ने पूरे विश्व में लाखों ग्राहकों को केबल से मुक्ति दे दी है क्योंकि अब मनोरंजन कारोबार उपग्रह व्यवस्था ले बदलकर स्ट्रीमिंग तकनीक पर आ चुका है। 

साझा कारोबार: 

इंटरनेट कनेक्टिविटी ने साझी अर्थव्यवस्था तथा साझी सोसायटी की अवधारणा को जन्म दिया। उबर ने इस अवसर को भुनाया। राइड साझा करना एक उद्योग बन गया और उत्पाद तथा सेवा प्रदाताओं ने अपना कारोबारी मॉडल विकसित किया। एयरबीएनबी ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए लोगों को अपना घर साझा करने की सुविधा दी। नए युवा उत्पाद खरीदने के बजाए साझा करने को वरीयता देने लगे। कार, फर्नीचर, घर और कार्यस्थल तक साझा होने लगे। 

हमारे सामाजिक व्यवहार में साझा करने की प्रवृत्ति शामिल है। 'साझा करें' स्वयं एक आइकन है। ऑनलाइन उपलब्ध कोई भी सामग्री 'साझा करें' वाले विकल्प के बिना अधूरी सी लगती है। साझा करना केवल सेवाओं तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें विचार, राय और रेटिंग भी शामिल है। यह ग्राहक संबंधी उद्योगों में सेवाओं तथा ग्राहक अनुभव को तेजी से बदल रही हैं। बुकिंग डॉट कॉम, ट्रिप एडवाइजर और गुड रीड्स ने उत्पाद समीक्षा का लोकतांत्रिकरण किया और विशेषज्ञों के स्थान पर ग्राहकों द्वारा समीक्षा कराई जाने लगी। प्रत्येक सेवा तथा उत्पाद ऑनलाइन रेटिंग पर निर्भर करता है और ये समीक्षाएं सार्वजनिक हैं एवं ग्राहकों द्वारा साझा की जाती हैं।

साझा अथवा गिग अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2023 तक 455 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले एक दशक में हुए बदलाव अगली शताब्दी तक हमारे साथ रहेंगे। एआई तथा संबंधित तकनीक की मदद से साझा कारोबार तथा क्लाउड कंप्यूटिंग की अवधारणा तेजी से आगे बढ़ेगी। अब भविष्य 5जी पर निर्भर करेगा। कोई भी उपकरण शायद भौतिक अवस्था में नहीं रहेगा। एक्स-रे मशीन हमारे मोबाइल में लगे कैमरे की तरह एक ऐप मात्र हो सकता है। लैपटॉप समाप्त होकर केवल प्रोजेक्टेड कीबोर्ड में बदल सकते हैं। आने वाला दशक कई अप्रत्याशित आश्चर्यों से भरा होगा। उम्मीद है कि पिछले एक दशक का अनुभव हमें अकल्पनीय भविष्य के लिए तैयार करेगा। 

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