बिजनेस स्टैंडर्ड - जीएसटी दाखिल न करने वालों की जब्त हो सकती है संपत्ति
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, January 23, 2020 03:59 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

जीएसटी दाखिल न करने वालों की जब्त हो सकती है संपत्ति

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली December 26, 2019

कर अधिकारी जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने वालों के बैंक खातों सहित उनकी संपत्तियां जब्त कर सकते हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की ओर से जारी मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के मुताबिक जीएसटी आयुक्त केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 83 के मुताबिक अनंतिम रूप से संपत्ति जब्त कर सकता है। एसओपी के मुताबिक इसके साथ ही वह एक विशेष अवधि तक रिटर्न दाखिल करने का काम पूरा नहीं करने पर पंजीकरण भी रद्द कर सकता है। यह खास अवधि कितनी होगी, इस पर अभी फैसला होना बाकी है। 

इस धारा के तहत आयुक्त करदाता के बैंक खाते सहित उसकी कोई भी संपत्ति जब्त कर सकता है। इसके लिए उसे एक विशेष फॉर्म पर आदेश पारित करना होगा, जिसमें जब्त की जाने वाली संपत्ति का ब्योरा होगा। बहरहाल विशेषज्ञों ने कहा कि जीएसटी के पहले राज्य स्तर के मूल्यवर्धित कर के दौरान बमुश्किल ही कोई पंजीकरण रद्द किया गया।  एक साल से ज्यादा समय तक रिटर्न दाखिल न करने पर कर अधिकारी पंजीकरण निष्क्रिय कर देते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजीकरण रद्द करना कठोर फैसला है। 

विचलन की गतिविधियों से निपटने के लिए एसओपी जारी किया गया था, जिसका पालन जीएसटी रिटर्न का काम पूरा न होने की स्थिति में केंद्र व राज्यों के कर विभाग को करना था। इसके तरहत स्पष्टीकरण जारी किया गया था, जिससे रिटर्न दाखिल करने की स्थिति में उचित प्रक्रिया के पालन को लेकर एकरूपता आ सके। एसओपी में साफ किया गया है कि रिटर्न दाखिल करने में चूक कनरे वालों को जीएसटी-3ए के तहत नोटिस जारी होनी चाहिए, इसके लिए अलग से नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं है। 
Keyword: GST, CGST, IGST, GST Collection, Revenue, GST Council, GST Invoice, Revenue Collection,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या वित्त आयोग की सिफारिशों से राज्यों पर बढ़ेगा दबाव?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.