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'नहीं है एनपीआर का एनआरसी से कोई संबंध'

अर्चिस मोहन /  December 24, 2019

केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बार फिर साफ किया कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनगणना पंजी (एनपीआर) का एक दूसरे से कोई लेना-देना नहीं है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि एनआरसी अभियान शुरू करने की कोई योजना नहीं है, इसलिए इसमें और एनपीआर में संबंध तो बहुत दूर की बात है। इस बीच, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एनपीआर के लिए 3,941.35 करोड़ रुपये राशि मंजूर कर दी। केंद्र ने 2021 की जनगणनाा के लिए भी 8,500 करोड़ निर्गत करने की घोषणा की। 

शाह ने कहा कि सबसे पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2010-11 में एनपीआर शुरू किया था, लेकिन उस समय किसी ने इसके खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा था। एनपीआर के लिए धन आवंटित करने पर मुहर और एनआरसी पर शाह का बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले दस दिनों से भी अधिक समय से देश में नागरिकता संशोधन विधेयक पर उग्र विरोध प्रदर्शन हो रहा है। शाह ने कहा कि वह अल्पसंख्यकों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि एनपीआर में ली गई लोगों की जानकारियों का इस्तेमाल एनआरसी तैयार करने में नहीं किया जाएगा।  हालांक विपक्ष एवं प्रदर्शन कर रहे दूसरे लोग सरकार के शब्दों पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार जनगणना के लिए जा सकती है, लेकिन उसे नागरिकता संशोधन कानून वापस लेना चाहिए और एनपीआर रोक देना चाहिए। विपक्षी नेताओं ने पिछले कम से कम उन 8 मौकों का हवाला दिया जब नरेंद्र मोदी सरकार संसद सहित दूसरे मंचों से कहा है कि एनपीआर के बाद देश में एनआरसी लागू की जाएगी। ।

शाह ने कहा कि एनपीआर वैकल्पिक होगा, जिसके तहत लोग चाहें तो अपने दस्तावेज दिखा सकते हैं, लेकिन उन पर ऐसा करने के लिए कोई दबाव नहीं होगा। गृह मंत्री ने इस पूरे मसले पर विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने केरल और पश्चिम बंगाल सरकार से एनपीआर से जुड़ा अभियान रोकने के निर्णयों पर पुनर्विचार करने की अपील की। शाह ने कहा कि एनपीआर का विरोध करने वाले राज्यों से वह मसले पर बात करेंगे। 

शाह ने कहा कि ये राज्य सरकार एनपीआर अभियान रोक कर अल्पसंख्यकों और गरीब लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी अप्रैल 2020 से एनपीआर के तहत जानकारियां जुटाएंगे। शाह ने माना कि एनआरसी को लेकर लोगों की आशंका दूर करने में सरकार की तरफ से भी कुछ कमी रह गई। उन्होंने देश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। 

इससे पहले दोपहर में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मीडिया को बताया कि एनपीआर के लिए कोई लंबा फॉर्म नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इसके लिए एक मोबाइल ऐप्लीकेशन होगा, जिस पर लोग अपनी जानकारियां अपलोड करेंगे। यह एक तरह से उद्घोषणा होगी। इसके लिए किसी तरह के कागजात की जरूरत नहीं होगी। सभी राज्यों ने इसे पहले ही स्वीकार कर लिया है और उन्होंने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।'
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