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उप्र: सपा का वार, उपद्रवियों के खिलाफ सख्त सरकार

बीएस संवाददाता/एजेंसियां /  December 22, 2019

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने उपद्रवी लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए लखनऊ जिला प्रशासन ने क्षति का आकलन करने के लिए चार सदस्यीय पैनल का गठन किया है। 

लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि शहर के पूर्वी हिस्से में हुई सार्वजनिक संपत्ति की क्षति का आकलन करने के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारी (पूर्व) को प्रभारी बनाया गया है। इस बीच मुजफ्फरनगर में कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में उपद्रव मचाने के लिए 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 262 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

अखिलेश का निशाना

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार खुद ही माहौल बिगाडऩे में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार में ही दंगाई बैठे हैं और दंगों से भाजपा को फायदा होता है। अखिलेश ने कहा कि अर्थव्यवस्था व रोजगार व किसानों के मुद्दे पर केंद्र और प्रदेश सरकार फेल साबित हो रही है इसीलिए वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए दंगे फैलाने का काम कर रही है। अखिलेश ने कहा कि नागरिकता कानून से देश के संविधान का उल्लंघन हुआ है और एनआरसी से देश भर में अफरा-तफरी फैलेगी। अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी की तरह भाजपा सरकार एक बार फिर से लोगों को लाइन में लगाने की तैयारी कर रही है।

अखिलेश पर पलटवार करते हुए उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा, 'विपक्ष देश और प्रदेश के लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है। नए नागरिकता कानून से किसी मुसलमान का कोई कोई नुकसान नहीं होगा। बिना वजह अफवाह फैलायी जा रही कि लोगों को लाइन में लगना होगा। सरकार दुष्प्रचार करने वालों की निंदा करती है। बाहरी लोग हिंसा में शामिल थे जिसमें बड़ी तादाद में माल्दा, बंगाल के लोग पकड़े भी गए हैं। 75 में से 21 जिलों में गड़बडिय़ां हुईं और 500 से ज्यादा अवैध कारतूस मिले हैं। पूरे घटनाक्रम में 750 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं जबकि 15 मौतें हुई हैं।' दिनेश शर्मा ने कहा कि नागरिकता कानून पर भ्रम दूर करने के लिए सरकार और संगठन तीन करोड़ लोगों से संपर्क करेंगे। 

हिंसक विरोध थमा

राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला कुछ थमा है। रविवार को कुछ जिलों में छिटपुट विरोध प्रदर्शनों और पुलिस के साथ झड़प को छोड़ कर हालात शांतिपूर्ण रहे हैं। हिंसा और गिरफ्तारियों की वजह से लोगों से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को हवाईअड्ड से बाहर नहीं निकलने दिया गया। तृणमूल सांसदों दिनेश त्रिवेदी, प्रतिमा मंडल, नदीमुल हक और अधीर विश्वास को लखनऊ एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में समाजवादी पार्टी के विधायक राजपाल कश्यप, उदयवीर सिंह, नफीस अहमद व अरविंद सिंह समेत अन्य नेता तृणमूल सांसदों से मिलने पहुंचे। जनता से मिलने से रोके जाने पर तृणमूल सांसदों ने हवाईअड्ड पर ही धरना दिया। 
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