बिजनेस स्टैंडर्ड - बाजार भाव पर हिस्सा बेचेगी आईएलऐंडएफएस
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, February 29, 2020 03:55 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

बाजार भाव पर हिस्सा बेचेगी आईएलऐंडएफएस

अमृता पिल्लई / नई दिल्ली December 22, 2019

आईएलऐंडएफएस अब मंगलूर एसईजेड के संयुक्त उद्यम से उचित मूल्य पर अपना निवेश भुनाना आसान होगा। हाल के आदेश में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का छूट वाले मूल्य पर हिस्सेदारी खरीदने का दावा अनधिकृत करार दिया गया है। मंगलूर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में आईएलऐंडएफएस की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत है, जबकि ओएनजीसी की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है। कनड़ा चैंबर आफ कॉमर्स, कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और ओएनजीसी मंगलूर पेट्रोकेमिकल्स इस संयुक्त उद्यम में शेष हिस्से में अंशधारक हैं। 

इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, 'न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डीके जैन ने ओएनजीसी के दावे को अनधिकृत करार दिया है और मामले को खारिज कर दिया है। इससे आईएलऐंडएफएस को मंगलूर एसईजेड में अपनी हिस्सेदारी उचित मूल्य पर बेचने की अनुमति मिल गई है।' सूत्रों ने कहा कि यह आदेश इस महीने की शुरुआत में आया है। 

इस मसले पर आईएलऐंडएफएस के प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार किया है। शुक्रवार को ओएनजीसी को भेजे गए ईमेल का भी कोई जवाब नहीं मिला। मार्च 2019 में ओएनजीसी ने 'इवेंट आफ डिफॉल्ट' धारा का उल्लेख करते हुए आईएलऐंडएफएस की हिस्सेदारी भारी छूट पर खरीदने की मांग की थी। आईएलऐंडएफएस के पुराने बोर्ड के  निलंबन और चूक के बाद राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के मौजूदा बोर्ड की नियुक्ति को ओएनजीसी ने गलत करार दिया था। 

उम्मीद की जा रही है कि आईएलऐंडएफएस अब बाजार भाव पर संयुक्त उद्यम में अपनी हिस्सेदारी बेच सकेगी और उचित मूल्य पर बिक्री हो सकेगी। संयुक्त उद्यम में ओएनजीसी को आईएलऐंडएफएस की हिस्सेदारी को लेकर मना करने का पहला अधिकार हैं। अगर ओएनजीसी उचित बाजार भाव के बराबर बोली नहीं लगा पाती है तो अब आईएलऐंडएफएस को अपनी हिस्सेदारी किसी तीसरे पक्ष को बेचने का अधिकार होगा। 

अलरेज ऐंंड मार्शल के आकलन के मुताबिक मंगलूर एसईजेड को ग्रीन कंपनी में रखा गया है और 30 सितंबर 2019 तक  इसका कर्ज 551 करोड़ रुपये है। आईएलऐंडएफएस की विफलता के बाद समूह की सहायक इकाइयों को तीन श्रेणियों रेड, अंबर और ग्रीन में बांटा गया है। जो सहायक इकाइयां अपनी कर्ज की देनदारी में सक्षम हैं, उन्हें ग्रीन श्रेणी में रखा गया है।  
यह पहला मौका नहीं है जब आईएलऐंडएफएस मौजूदा संयुक्त उद्यम साझेदार को अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। अक्टूबर महीने में आईएलऐंडएफएस ने पवन ऊर्जा संपत्तियों में अपनी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी जापान की ओरिक्स को बेची थी, जिसके पास शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ओरिक्स ने सबसे ज्यादा बोली लगाने के बराबर मूल्य देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया था। 
Keyword: IL&FS, fund, share, LIC, sidbi, इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंस सर्विसेज, SEX,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या कोरोनावायरस के प्रकोप से आगे भी झुलसेगा बाजार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.