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सन फार्मा शेयर पर पड़ सकता है असर

राम प्रसाद साहू /  December 22, 2019

सन फार्मा के शेयर में पिछले हफ्ते करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई। यह गिरावट महज सामान्य कारोबारी उतार-चढ़ाव का नतीजा नहीं है, बल्कि इसकी एक बड़ी वजह है। अमेरिका के खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) ने गुजरात में कंपनी के हलोल संयंत्र का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में उसने 8 आपत्तियां दर्ज कीं। साथ ही विशेष प्रकार की दवाओं पर टिप्पणी भी की। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एफडीए की नजरों में किस हद तक संयंत्र में विनिर्माण मानकों का उल्लंघन हुआ है। क्रेडिट सुइस के विश्लेषकों के अनुसार बाजार को दूसरी कई चिंताएं भी सता रही हैं, जिनमें अमेरिका में मूल्य निर्धारण की जांच के प्रतिकूल नतीजे, रैनबैक्सी की चार दवाओं लिपिटॉर (कोलेस्ट्रॉल नियंत्रक), वैलकाइट (एंटी-वायरल), नेक्सियम (रेफलक्स) और डायोवैन (ब्लड प्रेशर) से जुड़े मुकदमे और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा वित्त वर्ष 2016 से 18 तक की फॉरेंसिक ऑडिटिंग शामिल हैं।

हलोल संयंत्र पर एफडीए की टिप्पणी शेयर के लिए निकट अवधि में चिंता का कारण है। पहले भी इस संयंत्र का निरीक्षण हो चुका है। हलोल संयंत्र का कंपनी की कुल बिक्री में करीब 12 प्रतिशत योगदान है। स्थिति बहुत बिगड़ी तो कंपनी को चेतावनी/आयात सतर्कता से जुड़ा नोटिस दिया जा सकता है। इस वजह से कंपनी की नई दवाओं को मंजूरी और संयंत्र से अमेरिकी बाजारों को आपूर्ति पर पाबंदी लग सकती है। नई दवाओं को मंजूरी मिलने में देरी से कंपनी के मुनाफा अनुमानों में संशोधन हो सकता है। एक घरेलू ब्रोकरेज कंपनी के विश्लेषक ने कहा कि हलोल संयंत्र का पांच वर्ष पहले कंपनी की कुल बिक्री में 20 प्रतिशत योगदान था, जो अब कम होकर करीब 12 प्रतिशत रह गया है। अमेरिका में जेनेरिक दवाओं की कीमतों में कमी और नई दवाओं के आवेदन दूसरी जगह स्थानांतरित होने से इस संयंत्र की हिस्सेदारी में कमी आई है। एक बात तय है कि संयंत्र को लेकर एफडीए की नकारात्मक प्रतिक्रिया किसी भी लिहाज से कंपनी के लिए अच्छी नहीं मानी जा सकती है।  

विशेष दवाओं के कारोबार में किस सीमा तक तेजी आती है, इसी से शेयर के आगे बढऩे की भूमिका तय होगी। इन कुछ प्रमुख दवाओं में सिक्वा (आंख की दवा) और इल्यूमया (सूजन रोकने वाली दवा) शामिल हैं। क्रेडिट सुइस का मानना है कि सिक्वा की अधिकतम बिक्री 10 करोड़ डॉलर से कम रह सकती है, जिसके पहले 20 करोड़ डॉलर से अधिक रहने का अनुमान लगाया गया था। शुष्क आंखों के इलाज की लगभग 40 प्रतिशत दवा अमेरिका स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम (मेडिकेयर) के तहत आती हैं और इस तक पहुंच आसान नहीं है। क्रेडिट सुइस ने बाजार में आने के एक साल बाद भी इल्यूमया के धीमे उत्पादन और सिक्वा के कमजोर बाजार के मद्देनजर वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2022 के लिए आय का अनुमान कम कर दिया है। 

घरेलू बाजार शेयर के लिए मददगार साबित हो रहा है, जहां यह पिछले छह महीने से अपनी प्रतिस्पद्र्धी कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि दवा भंडार तार्किक स्तर पर रखने, पेटेंट उत्पादों की इन-लाइसेंसिंग पर ध्यान और नए उत्पाद बाजार में आने से कंपनी का अच्छा प्रदर्शन जारी रहना चाहिए। घरेलू दवा कारोबार कंपनी का एकल सबसे बड़ा खंड है और सितंबर तिमाही में 7,949 करोड़ रुपये की संचित बिक्री में इसका 32 प्रतिशत योगदान रहा है। निकट अवधि की बाधाओं के मद्देनजर निवेशकों को हलोल संयंत्र पर स्थिति स्पष्ट होने तक इंतजार करना चाहिए, साथ ही विशेष दवाओं की बिक्री के रुझान पर भी नजर रखनी चाहिए। कंपनी के शेयर पर नजर रखने वाले करीब 52 प्रतिशत विश्लेषकों ने शेयर के लिए 'बेचने' या 'अपने पास रखने' सिफारिश की है। 

Keyword: BSE, Bombay Stock Exchange Ltd., NSE, National Stock Exchange of India Ltd., Share Market, Sensex, Closing Values, Opening, Sun Pharma, FDA,
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