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स्वर्ण वित्त कंपनियों में गिरावट की आस

श्रीपाद ऑटे /  December 22, 2019

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर दबाव के बावजूद एक सेगमेंट इससे अछूता है। यह क्षेत्र है, गोल्ड फाइनेंसिंग यानी स्वर्ण वित्त का। दो स्वर्ण वित्त कंपनियों - मणप्पुरम फाइनैंस और मुथूट फाइनैंस के शेयर पिछले तीन महीनों में 20 से 40 प्रतिशत तक चढ़े हैं और उन्होंने बीएसई के सेंसेक्स जैसे प्रमुख सूचकांकों में 10 प्रतिशत की तेजी की तुलना में शानदार प्रदर्शन किया। बाजार इन कंपनियों को लेकर इसलिए भी उत्साहित है कि देश में कई एनबीएफसी चुनौतीपूर्ण माहौल के बाद भी अपना मजबूत प्रतिफल अनुपात बरकरार रखने में सफल रही हैं।

वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर 2019 में इन दोनों कंपनियों का आरओए (परिसंपत्तियों पर प्रतिफल) 5.5-8 प्रतिशत के स्तर पर रहा जबकि वित्त वर्ष 2019 यह 5-6 प्रतिशत के बीच था। भविष्य में, इन दोनों ऋणदाताओं को अपना शानदार आरओए बरकरार रहने की संभावना है। आरओए मुनाफे का पैमाना है जो किसी कंपनी के लाभ और औसत परिसंपत्तियों के बीच का अनुपात होता है।

कर्ज खातों में मजबूत वृद्घि जैसे कारकों से ब्याज आय बढ़ेगी और मजबूत परिसंपत्ति गुणवत्ता से ऋण की कम लागत का संकेत मिल रहा है। इससे इन गोल्ड फाइनेंस कंपनियों को को अपना आरओए सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। बीओबीकैप सिक्योरिटीज में विश्लेषक शुभ्रांशु मिश्र कहते हैं, 'एनबीएफसी पर दबाव के बीच सूक्ष्म एसएमई (लघु एवं मझोले उद्यम) के लिए ऋण संकट, सोने की ऊंची कीमतें, आम जनता तक स्वर्ण वित्त कंपनियों की पहुंच, प्रौद्योगिकी पर जोर आदि से स्वर्ण वित्त कंपनियों को ऋण खाते बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।'

पिछले साल सितंबर में आईएलऐंडएफएस संकट के बाद निवेशकों का भरोसा घटने से कई एनबीएफसी के लिए धन जुटाना चुनौतीपूर्ण बन गया है। यह उन स्वर्ण वित्त कंपनियों के लिए अच्छा संकेत है जो अपनी बेहतर बैलेंस शीट की वजह से सफलतापूर्वक पूंजी जुटाने में सक्षम रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह अनुकूल रुझान कम से कम अगले साल भी बने रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर में कुछ राज्यों में जनता तक पहुंच बढ़ाने की इन ऋणदाताओं की रणनीति से उनके मध्यावधि और दीर्घावधि विकास परिदृश्य में सुधार आया है।

लेकिन कुछ मामलों में मूल्यांकन चुनौतीपूर्ण है। अच्छी तेजी की वजह से शेयर मौजूदा समय में वित्त वर्ष 2021 की अनुमानित बुक वैल्यू के लगभग 2 गुना पर कारोबार कर रहे हैं। इस वजह से शेयर कीमतों में गिरावट निवेशकों के लिए प्रवेश का अच्छा मौका होगी। 
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