बिजनेस स्टैंडर्ड - आय में सुधार नहीं आने तक ज्यादा तेजी के आसार नहीं
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, February 27, 2020 06:08 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

आय में सुधार नहीं आने तक ज्यादा तेजी के आसार नहीं

विशाल छाबडिय़ा /  December 20, 2019

रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस को 2014-2019 के दौरान प्रमुख तीन कमाऊ कंपनियों में शुमार करने वाले 24वें वेल्थ क्रिएशन अध्ययन को जारी किए जाने के अवसर पर मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने विशाल छाबडिय़ा के साथ साक्षात्कार में कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं। उनका कहना है कि मुद्रास्फीति में ताजा तेजी अस्थायी है और यह समय पर निर्भर करेगा कि खपत में कितनी तेजी आएगी। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

 
आपके ताजा वेल्थ क्रिएशन अध्ययन का मुख्य निष्कर्ष क्या है?
 
इक्विटी निवेश में, प्रबंधन 90 प्रतिशत है, उद्योग 9 प्रतिशत और शेष 1 प्रतिशत है। इसलिए, इस बार विषय प्रबंधन की अखंडता और क्रिएटिव अकाउंटिंग है। यदि प्रबंधन की अखंडता संदेह में है तो लाभ एवं नुकसान और बैलेंस शीट के जरिये संवाद में संदेह स्पष्ट है  सही खातों के प्रबंधन का सिर्फ एक तरीका है और उनके साथ छेड़छाड़ करने के लाखों तरीके हैं। इस अध्ययन में, हमने नकदी और स्रोतों की परस्पर क्रिया को देखने की कोशिश की है। 
 
अध्ययन में, सभी प्रमुख 10 संपत्ति निर्माताओं ने आय की तुलना में बाजार वैल्यू में तेज वृद्घि दर्ज की है?
 
यह मौजूदा समय में बाजार और अर्थव्यवस्था का स्वरूप है। सही आय वृद्घि वाली बेहद कम कंपनियां हैं और बड़ी पूंजी समान कंपनियों से ही जुड़ी हुई है और यही वजह है कि रेटिंग में बदलाव आय वृद्घि की तुलना में संपत्ति निर्माण का बड़ा हिस्सा है। 
 
बाजारों पर आपका क्या नजरिया है?
 
भारतीय इतिहास में चार बार, 1992, 2000, 2007 और अब, बाजार 25 गुना के कीमत-आय अनुपात पर रहा है। बाजार अगले 6-12 महीनों के दौरान कंपनियों द्वारा आय की उम्मीद कर रहा है। लेकिन इस उम्मीद पर आधारित तेजी कुछ समय तक बनी रहेगी। मेरा मानना है कि अब ज्यादा तेजी तब तक नहीं आएगी, जब तक कि आय में सुधार नहीं दिखता।
 
क्या आप मान रहे हैं कि यह तेजी मिड-कैप में भी दिखेगी?
 
जब तक अर्थव्यवस्था में बदलाव नहीं आता, तब तक इसकी संभावना बेहद कम दिख रही है। चुनौतीपूर्ण समय में सिर्फ अच्छी और बड़ी कंपनियां ही अच्छा प्रदर्शन करती हैं, उनके पास तैयार ग्राहक होते हैं, उनकी मोलभाव करने की क्षमता मजबूत होती है। बुरे समय के दौरान भी बड़ी कंपनियों के साथ प्रमुख ग्राहक जुड़े रहते हैं। समान स्थिति में छोटी, मझोले आकार की कंपनियों को बड़ी कंपनियों की तुलना में ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। सवाल यह है कि आर्थिक सुधार की कितनी संभावना है? मेरा मानना है कि इसमें 6 महीने का समय और लग सकता है।
 
वृहद संकेतक कमजोर होने और अब मुद्रास्फीति में तेजी आने से कॉरपोरेट आय पर इसका कैसा असर पड़ेगा?
 
ऊंची मुद्रास्फीति कुछ हद तक अस्थायी है। जब जाड़े के मौसम की फसलें आएंगी, मुद्रास्फीति में नरमी आएगी। इसके साथ ही यदि अमेरिका और चीन अपने व्यापार विवाद सुलझा लेते हैं तो इससे भी धारणा-केंद्रित तेजी को बढ़ावा मिल सकता है। दूसरी तरफ, आरबीआई और सरकार द्वारा किए जा रहे सुधार और बदलावों का भी असर दिखना शुरू हो सकता है। इसके अलावा, आप अपनी कार की खरीदारी या घर के फर्नीचर या कपड़ों को बदलने में कितना विलंब करते हैं, इस पर विचार करना भी महत्वपूर्ण होगा। यह समय पर निर्भर करता है कि लोग अपना खर्च कब करेंगे। 
 
आप वर्ष 2020 में किन खास थीम, क्षेत्र या शेयरों की लोकप्रियता की उम्मीद कर सकते हैं?
 
यदि आर्थिक सुधार में तेजी आती है, तो क्षेत्र के संदर्भ में भी बदलाव आएगा। जिंस और रियल एस्टेट, पीएसयू बैंक तथा दूरसंचार जैसे क्षेत्र हमें आश्चर्यचकित कर सकते हैं। यदि अर्थव्यवस्था में उम्मीद के अनुसार सुधार नहीं आता है तो पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रही कंपनियों की लोकप्रियता बरकरार रह सकती है। वहीं कमजोर प्रदर्शन कर रहे क्षेत्रों पर दबाव और बढ़ सकता है। 
Keyword: reliance, HDFC bank, TCS, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

तेल में नरमी से कंपनियों को मदद

Investmentsकच्चे तेल में कमजोरी बनी हुई है क्योंकि चीन में कोरोनावायरस के प्रभाव से

पीरामल एंटरप्राइजेज पर थोक ऋणों से पड़ रहा दबाव

हेल्थकेयर क्षेत्र में अस्पताल कंपनियां सुरक्षित दांव

एसीसी के मुकाबले अल्ट्राटेक के शेयर में दिख रही ज्यादा चमक

कोरोनावायरस के माहौल में निवेश में इजाफा बेहतर कदम

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.