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आरबीआई के ओएमओ वादे से दीर्घावधि बॉन्ड प्रतिफल लुढ़का

अनूप रॉय / मुंबई December 20, 2019

10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल में 15 आधार अंक की जबकि 14 वर्षीय सेगमेंट में 20 आधार अंक की गिरावट आई है। बॉन्ड बाजार के डीलरों का मानना है कि इससे सरकार को सस्ती लागत पर पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, बशर्ते कि केंद्र सरकार बाजार में इस तरह के प्रयास बरकरार रखे। आरबीआई ने कहा है कि वह 10 वर्षीय बॉन्ड खरीदेगा और चार अल्पावधि बॉन्डों की बिक्री करेगी। इसके बाद 10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल 6.604 प्रतिशत पर बंद हुआ। एक वर्षीय बॉन्ड पर प्रतिफल 5 आधार अंक चढ़ा। बॉन्ड डीलरों का कहना है कि यदि केंद्रीय बैंक ऐसा सिर्फ एक बार करता है तो प्रतिफल फिर से बढ़ सकता है।
 
एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के प्रमुख (फिक्स्ड इनकम) बद्रीश कुल्हाली के अनुसार, एक दिन के और 10 वर्षीय बॉन्ड के बीच अंतर बढ़कर 160 आधार अंक हो गया, लेकिन दीर्घावधि औसत 80-100 आधार अंक रहा, जिस पर केंद्रीय बैंक ध्यान दे रहा है। बॉन्ड डीलरों का कहना है कि प्रतिफल के बीच ज्यादा अंतर से बैंकों को सुरक्षित अवसर मिलते हैं, जिनमें वे संक्षिप्त अवधि में इसे ले सकते हैं और लंबी अवधि के बॉन्डों में निवेश कर सकते हैं।  यदि दीर्घावधि बॉन्ड प्रतिफल नीचे आता है तो आर्बिट्राज के अवसर काफी कम हो जाते हैं। हालांकि अल्पावधि दरें तरलता और रीपो दर से निर्धारित होती हैं। जहां व्यवस्था में नकदी भरपूर है, और रीपो दर कम है, अल्पावधि बॉन्ड प्रतिफल लंबे समय तक ऊंचा बना नहीं रह सकता। कुल्हाली ने कहा, 'दिसंबर के बाद, अल्पावधि प्रतिफल नीचे आ सकता है। यह संक्षिप्त घटनाक्रम है, जिसमें बदलाव आएगा।'
Keyword: bond, ETF, market, share,,
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