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दो और निवेशक जेट में इच्छुक

सुब्रत पांडा / मुंबई December 17, 2019

बंद पड़ी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) ने आज दिवालिया ट्रिब्यूनल को सूचित किया कि इस विमानन कंपनी के पुनरुद्धार में दो अन्य विदेशी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। अब तक जेट एयरवेज के लिए एकमात्र बोलीदाता दक्षिण अमेरिका की विमानन कंपनी सिनर्जी ग्रुप थी। आरपी ने नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को यह भी बताया है कि उन्हें सिनर्जी ग्रुप से कारोबारी योजना का मसौदा करीब एक सप्ताह पहले प्राप्त हुआ। जेट एयरवेज के लिए समाधान योजना जमा कराने की अंतिम समय-सीमा 16 दिसंबर थी।
 
नागर विमानन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मार्च 2020 तक सर्दियों के लिए स्लॉट का आवंटन पूरा हो चुका है जबकि गर्मियों के लिए स्लॉट का आवंटन अभी खुला है। नवंबर 2020 तक केवल एयर इंडिया को गर्मियों के लिए स्लॉट का आवंटन हुआ था। हालांकि नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि सिनर्जी ग्रुप से कारोबारी योजना मिलने के बाद ही जेट एयरवेज के स्लॉट आवंटन पर विचार किया जाएगा। जेट एयरवेज के लेनदार और आरपी की लेनदारों की समिति के साथ बैठक हुई जिसमें इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया कि समाधान योजना जमा कराने के लिए सिनर्जी ग्रुप को तीसरा विस्तार दिया जाना चाहिए अथवा नहीं। साथ ही इस विमानन कंपनी में दो नए विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी के बारे में भी चर्चा की गई।
 
ट्रिब्यूनल ने आरपी से कहा था कि यदि सिनर्जी ग्रुप के साथ बातचीत विफल रहती है तो वे अन्य निवेशकों पर भी विचार कर सकते हैं। यदि लेनदारों की समिति इस विमानन कंपनी में दिलचस्पी दिखाने वाले दो नए निवेशकों पर गंभीरतापूर्वक विचार करती है तो उसे पूरी बोली प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करनी पड़ेगी। इसके तहत दोनों पक्षों को अभिरुचि पत्र जमा कराने होंगे और उसका आकलन आरपी द्वारा किया जाएगा। आरपी ने एनसीएलटी को यह भी सूचित किया है कि 19 दिसंबर को एनसीएलटी के सामने सिनर्जी ग्रुप का एक प्रतिनिधि पेश होगा ताकि ट्रिब्यूनल की आशंकाओं को दूर किया जा सके। ट्रिब्यूनल यह समझना चाहता है कि जेट एयरवेज के पुनरुद्धार को लेकर सिनर्जी ग्रुप कितना गंभीर है।
 
सिनर्जी चाहती है कि नागर विमानन मंत्रालय जेट एयरवेज के स्लॉट के मुद्दे को स्पष्ट करे और बताए कि विमानन कंपनी के अधिग्रहण के बाद वे उसके साथ बरकरार रहेंगे अथवा नहीं। नागर विमानन मंत्रालय ने आरपी के उस शपथ पत्र पर अपना जवाब दे दिया है जिसमें स्लॉट आवंटन के सदंर्भ में कुछ रियायत की मांग की गई थी। आरपी जेट एयरवेज के लिए कॉरपोरेट ऋण शोधन अक्षमता समाधान प्रक्रिया शुरू करने में विस्तार के लिए एनसीएलटी में एक शपथ पत्र पहले ही दायर कर चुका है। इस प्रक्रिया के लिए 180 दिनों की अवधि 16 दिसंबर को खत्म हो चुकी है। ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता के तहत शुरुआती 180 दिनों की अवधि पूरी होने पर 90 दिनों का अतिरिक्त विस्तार दिया जा सकता है। जेट एयरवेज के आरपी को वित्तीय लेनदारों, परिचालन लेनदारों और कर्मचारियों से अब तक 36,000  करोड़ रुपये के बकाये के लिए दावे प्राप्त हुए हैं।
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