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प्रदर्शनों का अर्थव्यवस्था पर असर नहीं : सीतारमण

बीएस संवाददाता / मुंबई December 16, 2019

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि नागरिकता कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हो रहे बवाल से आर्थिक चुनौतियों से निपटने की सरकार की कोशिशों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सीतारमण ने टाइम्स नेटवर्क के कार्यक्रम इंडिया इकनोमिक कॉन्क्लेव में कहा, 'मुझे नहीं लगता है कि इससे अर्थव्यवस्था की चुनौतियां और उससे निपटने की लिए सरकार की कोशिशों पर कोई असर पड़ेगा। मैं व्यक्तिगत रूप से और प्रधानमंत्री के साथ मिलकर उद्योग के हर क्षेत्र के साथ बात करूंगी और यह सुनिश्चित करूंगी कि उनकी सभी जरूरतें पूरी हों और चुनौतियां दूर हों।' नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। 
 
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कानून भेदभावपूर्ण और विभाजनकारी है। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सांसदों और राज्यों के नेताओं से बात कर रहे हैं और उन्हें सरकार के रुख से अवगत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन मुद्दों पर पूरा ध्यान दे रही है। देश की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और देश की एकता तथा सौहार्द को कोई खतरा नहीं है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ग्रामीण कार्यक्रमों पर जोर देकर खपत बहाल करने की दिशा में काम कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि पैसा उपभोक्ताओं तक पहुंचे। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सरकारी निवेश को गंभीरता से लिया जा रहा है और छोटी तथा मझोली कंपनियों के बकाये का भुगतान किया जा रहा है। सरकार ने उनका 61,000 करोड़ रुपये के लंबित बकाये का भुगतान कर दिया है। सीतारमण ने कहा, 'मैं यह सुनिश्चित कर रही हूं कि कोई भी बकाया न रहे और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां अपने बिलों का भुगतान करें।' सितंबर तिमाही में आर्र्थिक वृद्घि दर 4.5 फीसदी रही जो छह साल में सबसे कम है। 
 
कारखानों से उत्पादन में गिरावट आई है और खपत भी कम हुआ है। लेकिन सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई समयसीमा देने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक जरूरी होगा, सरकार अर्थव्यवस्था में हस्तक्षेप करती रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि इस वित्त वर्ष के पहले आठ महीने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह उम्मीद से कम रहा और जीएसटी दरों को संशोधित करने के बारे में उनके विभाग में कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व संग्रह में कमी पर राज्यों को क्षतिपूर्ति देने के अपने वादे से पीछे नहीं हटेगी।
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