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कर्ज लेकर डिस्कॉम की रकम चुकाएगा आंध्र

बी दशरथ रेड्डी / हैदराबाद December 11, 2019

आंध्र प्रदेश सरकार ने एपी पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (एपीपीएफसीएल) को 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी दी है। यह पैसा डिस्कॉम को अपनी भुगतान बाध्यताओं को पूरा करने के लिए दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऋण अधिकतम 8.5 फीसदी ब्याज दर से अधिक पर नहीं लिया जाए। एपीपीएफसीएल राज्य की बिजली इकाइयों के लिए फंड जुटाने वाली नोडल एजेंसी है जिसके लिए वह बॉन्ड जारी करती है या फिर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण लेती है। एपीपीएफसी के एक अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, 'सरकार ने 10,000 करोड़ से 11,000 करोड़ रुपये के ऋण के लिए गारंटी देने का निर्णय लिया है। यह रकम इस साल निगम द्वारा जुटाई जाएगी। डिस्कॉम को अन्य मदों सहित बिजली खरीद के भुगतान के लिए उस रकम की जरूरत है। हम पहले ही सभी बैंकों से 8.5 फीसदी ब्याज दर के भीतर ऋण देने के लिए संपर्क कर चुके हैं।' 

 
निगम ने इस बार ऋणों के रूप में रकम जुटाने का निर्णय लिया है क्योंकि बॉन्ड बाजार में वह प्रतिकूल स्थिति का सामना कर रहा है। अधिकारी के मुताबिक बॉन्ड बाजार के संभावित निवेशक बिजली बॉन्डों पर 11 फीसदी तक रिटर्न की मांग कर रहे हैं। साल 2018 में एन चंद्रबाबू नायडू की अगुआई वाली पिछली सरकार ने अमरावती राजधानी शहर के लिए 2,000 करोड़ रुपये जुटाई थी जिसके लिए उसने 10.32 फीसदी की तय ब्याज दर पर 10 साल का बॉन्ड जारी किया था। तब विपक्ष ने इसकी लागत को लेकर उस सरकार की आलोचना की थी। लेकिन ऋण लेना वाई एस जगन मोहन रेड्डी सरकार के लिए कोई आसान विकल्प नजर नहीं आ रहा है। एपीपीएफसीएल के 3,000 करोड़ रुपये के ऋण आवेदन पर विचार करते हुए भारतीय स्टेट बैंक की मुंबई शाखा ने सरकार की पुनर्भुगतान क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, एसबीआई ऋण देने के लिए तैयार हो गया है।  
 
एपीपीएफसीएल के अधिकारी ने कहा, 'कुछ निश्चित शर्तों के साथ एसबीआई निगम को 1,500 करोड़ रुपये देने पर तैयार हो गया जबकि हमने 3,000 करोड़ के ऋण के लिए अनुरोध किया था। बैंक इसके लिए 8.5 फीसदी ब्याज लेगा। सरकार ने ब्याज दर की ऊपरी सीमा 8.5 फीसदी तय की है इसलिए हमने सभी बैंकों को इसी शर्त पर ब्याज देने के लिए पत्र भेजा है।' संचित बिजली बकाया 20,000 करोड़ रुपये का हो गया है जिसमें करीब 3,000 करोड़ रुपये का बकाया अक्षय ऊर्जा उत्पादकों का है।  पिछले महीने राज्य के बिजली मंत्री बलीनेनी श्रीनिवास रेड्डी ने दूसरी बार केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह को पत्र लिखकर उनसे अपनी सरकार की मांग दोहराई। इस पत्र के जरिये उन्होंने मांग की है कि केंद्र को अक्षय ऊर्जा की एकीकृत लागतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 
Keyword: power, electric, discom, APPFCL,,
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