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सहायक इकाइयों से एसबीआई को मिल रही मदद

श्रीपाद ऑटे /  December 08, 2019

लंबे समय से निवेशकों के रडार से दूर रहे कॉरपोरेट बैंकों को ताजा घटनाक्रम से पुन: मदद मिल सकती है। इन घटनाक्रम में एस्सार स्टील दिवालिया समाधान प्रक्रिया में तेजी और परिसंपत्ति गुणवत्ता परिदृश्य में सुधार मुख्य रूप से शामिल हैं। लेकिन भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मामले में, उसकी सहायक कंपनियों द्वारा बैंक के लिए नई वैल्यू पैदा करने की संभावना भी मुख्य रूप से शामिल है।

एसबीआई बुधवार तक (मौद्रिक नीति से पहले) 9 प्रतिशत चढ़ चुका था जबकि निफ्टी बैंक सूचकांक में 5.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। मोतीलाल ओसवाल के विश्लेषकों के अनुसार, 'एसबीआई की सहायक इकाइयों ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। बैंक ने अपनी सहायक इकाइयों की बिक्री करने की योजना बनाई है जिससे शेयरधारकों के लिए फायदा होने की संभावना है।'

एसबीआई की क्रेडिट कार्ड इकाई (एसबीआई कार्ड्स ऐंड पेमेंट सर्विसेज, या एसबीआई कार्ड्स) और जीवन बीमा इकाई (एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी) द्वारा मूल्यांकन में योगदान दिए जाने की संभावना है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट से पता चलता है कि इन दो कंपनियों का एसबीआई के कुल मूल्यांकन में एक-चौथाई का योगदान है। एसबीआई की 74 प्रतिशत शेयरधारिता को देखते हुए प्रस्तावित आईपीओ के जरिये एसबीआई कार्ड्स के लिए ऊंचे मूल्यांकन की संभावना है। कुछ अनुमानों के अनुसार एसबीआई कार्ड्स का मूल्यांकन 60,000 करोड़ रुपये पर अनुमानित है जो कई विश्लेषकों के मौजूदा अनुमानों की तुलना में अधिक है।

उदाहरण के लिए, मैक्वेरी ने एसबीआई कार्ड्स का मूल्यांकन 27,500 करोड़ रुपये पर, जबकि एडलवाइस ने 11,300 करोड़ रुपये पर किया है। मैक्वेरी का कहना है कि 60,000 करोड़ रुपये की बाजार वैल्यू से मदद मिल सकती है और एबीआई के कीमत लक्ष्य में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देखा जा सकता है। 

देश के सबसे बड़े बैंक ने अपने कार्ड व्यवसाय के लिए प्राथमिक बाजार में 9,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष आवेदन किया है। क्रेडिट कार्ड की कम पहुंच (प्रति व्यक्ति 5 प्रतिशत से कम कार्ड) और ऊंची शुल्क आय संभावना जैसे अनुकूल वृहद कारकों के साथ एसबीआई कार्ड्स के लिए वृद्घि के अवसरों को देखते हुए एसबीआई कार्ड्स में तेजी की संभावना को लेकर समस्या नहीं दिख रही है।

 

एसबीआई कार्ड्स ने ग्राहक जोडऩे और आय के संदर्भ में मजबूत प्रदर्शन किया है और व्यावसायिक वृद्घि एसबीआई की भौगोलिक पहुंच को देखते हुए मजबूत बनी रह सकती है।

दरअसल, यह देखना अब दिलचस्प होगा कि क्या एसबीआई कार्ड्स जीवन बीमा इकाई के नक्शे-कदम पर अमल करेगी। जीवन बीमा इकाई एसबीआई के मूल्यांकन में दूसरी सबसे ज्यादा मूल्यवान परिसंपत्ति है। एसबीआई लाइफ में बैंक की हिस्सेदारी 58 प्रतिशत है। एसबीआई लाइफ की बाजार वैल्यू एक साल में 70 प्रतिशत तक बढ़ी और जीवन बीमा इकाई वित्त क्षेत्र में कई विश्लेषकों का पसंदीदा शेयर बना हुआ है।

सुरक्षा उत्पाद के तौर पर जीवन बीमा की बढ़ती लोकप्रियता इस क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर रही है। हालांकि जिस वजह से एसबीआई लाइफ को बढ़त मिल रही है, वह है उसका कम परिचालन लागत वाला मॉडल और वितरण सेगमेंट। विश्लेषकों का कहना है कि इन कारकों से एसबीआई लाइफ को मुनाफा और शेयरधारक वैल्यू में मजबूत तेजी बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसी तरह एसबीआई जनरल इंश्योरेंस और म्युचुअल फंड व्यवसाय (एसबीआई ऐसेट मैनेजमेंट) ने अच्छी बाजार भागीदारी हासिल की है। इससे आय और मूल्यांकन को मदद मिलेगी। 

इसके अलावा, बैंक द्वारा परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के साथ बेहतर परिचालन प्रदर्शन किए जाने की संभावना है और इस संबंध में बड़ा प्रावधान कवर पहले ही पेश किया जा चुका है। लेकिन कुछ दबावग्रस्त कंपनियों (जैसे दीवान हाउसिंग फाइनैंस) से जुड़े उसके निवेश की वजह से यह बढ़त प्रभावित हो सकती है। 

फिर भी, एसबीआई का मौजूदा मूल्यांकन वित्त वर्ष 2021 के अनुमानित बहीखाते के 1.2 गुना पर अच्छा दिख रहा है। इसके अलावा ब्लूमबर्ग के सर्वे में शामिल 52 में से 45 विश्लेषकों ने एसबीआई के शेयर के लिए 370 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ खरीदारी की रेटिंग दी है।

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