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पांच साल परिचालन के बाद भुगतान बैंक बन सकेंगे एसएफबी

निधि राय / मुंबई December 05, 2019

लघु वित्त बैंक (एसएफबी) के लाइसेंस के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए मसौदा दिशा-निर्देशों में भुगतान बैंकों को पांच साल का परिचालन पूरा करने के बाद एसएफबी में तब्दील होने की अनुमति दी गई है। यदि किसी भुगतान बैंक का प्रवर्तक एसएफबी भी स्थापित करना चाहता है तो दोनों बैंकों को नॉन-ऑपरेटिव फाइनैंशियल होल्डिंग कंपनी (एनओएफएचसी) ढांचे के तहत लाया जाएगा। आरबीआई के दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्टï किया गया है कि एसएफबी को परिचालन की शुरुआत के तुरंत बाद बैंक का दर्जा दे दिया जाएगा और और उन्हें परिचालन शुरू करने की तारीख से शाखाएं खोलने की अनुमति दी जाएगी।
 
आरबीआई ने कहा है, 'लघु वित्त बैंकों के परिचालन में किसी तरह की कोई सीमा या पाबंदी नहीं होगी, हालांकि तरजीह उन आवेदकों को दी जाएगी तो शुरू में देश के पूर्वोत्तर, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में कम बैंकिंग सुविधा वाले इलाकों में बैंक खोलना चाहेंगे। उम्मीद की जा रही है कि छोटे वित्तीय बैंक शुरू में स्थानीय जरूरतें पूरी करेंगे। पांच साल की शुरुआती अवधि के बाद, और उनकी समीक्षा के बाद आरबीआई लघु वित्त बैंकों की गतिविधियों का दायरा बढ़ा सकता है।' दिशा-निर्देशों में कहा गया है, 'हालांकि एनबीएफसी/एमएफआई/पीबी की शाखाओं को परिचालन शुरू होने या विलय/बंद होने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के अंदर बैंक शाखाओं में तब्दील किया जाएगा। एसएफबी और एनबीएफसी/एमएफआई एक साथ परिचालन नहीं कर सकेंगे।'
 
एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी संजय अग्रवाल ने निर्णायक मसौदे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, 'हम इन दिशा-निर्देशों का स्वागत करते हैं। वे प्रगतिशील प्रवृत्ति के हैं और भुगतान बैंकों को एसएफबी में तब्दील करना एक अच्छा निर्णय है। हम शुरुआती अनुभव का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं और यह साबित करने में सक्षम हैं कि यह मॉडल मजबूत था। हम इसे लेकर उत्साहित हैं कि नई मिसाल कायम करने में सक्षम रहे हैं।' अपने दिशा-निर्देशों में आरबीआई ने कहा है कि स्वेच्छा से एसएफबी में तब्दील होने वाले सहकारी बैंकों के लिए शुरू में 100 करोड़ रुपये की निवेश पूंजी की जरूरत होगी जिसे व्यवसाय शुरू होने की तारीख से पांच साल के अंदर बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये किया जाएगा।
 
हालांकि रेटिंग एजेंसी इक्रा इस कदम को बाधा के तौर पर नहीं देख रही है। इक्रा के समूह प्रमुख (वित्तीय क्षेत्र की रेटिंग) कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, 'आरबीआई ने आवेदक के लिए निवेश पूंजी की शर्त को पहले के 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया है। लेकिन हमारे नजरिये से इसे एक बाधक कारक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि कई मौजूदा एसएफबी ने बड़ी पूंजी के साथ परिचालन शुरू किया है।'
Keyword: NBFC, bank, payment, RBI, SFB,,
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