बिजनेस स्टैंडर्ड - मुफ्त योजनाओं से पानी अभियान का टकराव
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मुफ्त योजनाओं से पानी अभियान का टकराव

साई मनीष /  December 05, 2019

इस बात में कोई संदेह नहीं कि दिल्ली की जनता जिस हवा में सांस ले रही है उसको लेकर उनके मन में डर है। अब विधानसभा चुनाव होने में जब कुछ महीने शेष रह गए हैं तब ऐसा लग रहा है कि भाजपा लोगों के दिमाग में इस बात को लेकर भी डर पैदा करने में सफल हो गई है कि उनके पीने का पानी साफ नहीं है। भाजपा लोगों को बता रही है कि दिल्ली सरकार की ओर से मुहैया कराए जा रहे पानी में सामान्यत: मानव मल में पाए जाने वाले कॉलीफार्म जीवाणु, औद्योगिक कचरे में शामिल कैंसर कारक फेनोलिक उत्पाद, त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाला एनीओनिक डिटर्जेंट है और इसी तरह के बहुत से गंदे मिश्रण और बदबूदार पदार्थों की मिलावट है।

 
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की ओर से जारी किए गए भारतीय मानक ब्यूरो की रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली एकमात्र ऐसा शहर है जहां पानी का एक भी नमूना पीने योग्य नहीं पाया गया है। भाजपा नेता मनोज तिवारी और गौतम गंभीर ने अरविंद केजरीवाल पर इस मुद्ïदे को लेकर धावा बोल दिया है। इससे पहले केजरीवाल ने पासवान पर पानी शुद्घ करने वाली कंपिनयों से अपने कारोबारी हित जुड़े होने का आरोप लगाया था। इसके बाद भाजपा ने केजरीवाल पर जवाबी हमले तेज कर दिए। भाजपा ने इस मामले में और आगे बढ़कर गंदे पानी की रिपोर्ट करने के लिए हेल्पलाइन नंबर तक जारी कर दिया।  
 
भाजपा की रणनीति बहुत स्पष्टï है। वह लोगों को यह यकीन दिलाना चाहती है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी के शासन में लोगों की अपनी और उनके अपनों की जान खतरे में है। लेकिन अगले वर्ष केजरीवाल की पार्टी को सत्ता में वापसी करने से रोकने के लिए डर को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की भाजपा की रणनीति कितनी प्रभावी होगी फिलहाल यह बता पाना मुश्किल है। भाजपा की चुनौती इन मतदाताओं को यह समझाने की होगी कि पानी जैसे बुनियादी जरूरत के लिए भुगतान करने के बावजूद केजरीवाल सरकार उन्हें पीने का ऐसा पानी मुहैया नहीं करा पा रही है जिससे उनका या उनके परिवार के लोगों की सेहत पर बुरा असर न पड़े। या उस संबंध में लोगों को यह समझाया जाए कि हर परिवार को जो मुफ्त में पानी दिया जा रहा है उससे लोग बीमार पड़ सकते हैं। 
 
दूसरी तरफ केजरीवाल ने अपने पानी की राजनीति को ही आगे बढ़ाया है। केजरीवाल सरकार पानी या तो मुफ्त या अत्यधिक कम दर पर मुहैया करा रही है। 2013 में जब आम आदमी पार्टी (आप) कांग्रेस के समर्थन से पहली बार सत्ता में आई थी तब केजरीवाल ने शहर के हर घर को 20,000 लीटर पानी मुफ्त में देने की घोषणा की थी। जब आप 2015 में एकतरफा जीत हासिल कर सत्ता में लौटी तो उसने इस योजना को आगे बढ़ाया। उसके बाद इस साल अगस्त में केजरीवाल ने पानी के बिलों को माफ करने की घोषणा की जिससे करीब 13 लाख घरों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
 
चुनावों से कुछ महीने पहले केजरीवाल की ओर से एक के बाद एक मुफ्त घोषणाओं से समाज के सभी वर्गों को फायदा पहुंच रहा है। इनमें प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली बिल, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, सड़क दुर्घटना के घायलों का मुफ्त इलाज और शहर के निवासियों के लिए बिना किसी आर्थिक भेदभाव के सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मुफ्त सर्जरी से लेकर चुनिंदा जगहों पर मुफ्त में वायरलेस इंटरनेट की सुविधा तक शामिल है। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए मेट्रो में मुफ्त यात्रा के प्रस्ताव की बात कह कर तूफान ला दिया था जो आगे चलकर केंद्र सरकार के स्तर पर जाकर फंस गई। 
 
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की वरिष्ठï फेलो रूमी ऐजाज ने कहा, 'सच्चाई यह है कि आप दिल्ली में नल का पानी नहीं पी सकते हैं। दिल्ली सरकार भी अपने आधिकारिक बैठकों में नल का पानी नहीं रखती है। लेकिन खराब हवा और पानी को लेकर राजनीति का आप पर मामूली असर ही होगा। दिल्ली में अधिकांश मतदाता मध्य वर्ग या कम आय समूहों के हैं। जब उन्हें इतनी सुविधाएं मुफ्त मिल रही हैं तो वे खुशी खुशी थोड़ी कीमत चुकाने को तैयार हैं। लोगों में मुफ्त बिजली और पानी मिलने को अस्थायी सुविधा के तौर पर देखने की दीर्घावधि समझ नहीं है। जब तक उन्हें ये चीजें मुफ्त में मिल रही हैं वे सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे। आप लोगों की इस भावना को भुनाने में सफल रहेगी।'
 
भाजपा इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। वह दिल्ली में अंतिम बार 1993 में सत्ता में आई थी। चूंकि भाजपा के पास अभी तक स्थानीय स्तर पर कोई ऐसा नेता नहीं है जो केजरीवाल की लोकप्रियता की बराबरी कर सके ऐसे में वह सरकार को वायु प्रदूषण और पानी की गुणवत्ता के मामले पर घेर रही है। वहीं केजरीवाल वायु प्रदूषण के आरोप को केंद्र सरकार की तरफ मोडऩे में सफल होते दिख रहे हैं। उन्हें इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से भी थोड़ी मदद मिली है। अब देखना होगा कि क्या केजरीवाल अपनी मुफ्त की योजनाओं के दम पर भाजपा की ओर से गंदे पानी के मामले में लगाए जा रहे आरोपों का सामना करते हुए सत्ता में बने रह पाते हैं या नहीं।   
Keyword: delhi, free water, arvind kejriwal, ramvilash paswan,,
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