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भारत बॉन्ड ईटीएफ को कैबिनेट की मंजूरी

अनूप रॉय और समी मोडक / मुंबई December 04, 2019

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारत के पहले बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 'भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ)'  नाम से एक साझा निवेश कोष शुरू करने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसकी खरीद और बिक्री किसी भी सूचीबद्ध प्रतिभूति की तरह किसी भी एक्सचेंज पर की जा सकेगी। 

यह ईटीएफ सरकार से जुड़ी कंपनियों द्वारा जारी एएए रेटेड पेपर्स से बना होगा और इसकी दो परिपक्वता 3 साल व 10 साल होगी। सूत्रों ने कहा कि यह पेशकश जनवरी के पहले सप्ताह में की जाएगी। बॉन्ड ईटीएफ के पहले हिस्से की पेशकश एडलवाइज असेट मैनेजमेंट करेगी, लेकिन इसके अन्य हिस्से भी आएंगे, जिनके लिए अन्य संपत्ति प्रबंधकों की नियुक्ति की जा सकती है। एके कैपिटल सर्विसेज डेट ईटीएफ के लिए सरकार की पूर्ण सलाहकार है।

इससे खुदरा ग्राहक बॉन्ड बाजार में आकर्षित होंगे, जो लंबे समय से सरकार और नियामक का सपना था और इससे दीर्घावधि के हिसाब से कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार में मजबूती आएगी। सरकार ने एक बयान में कहा है कि निवेशक ईटीएफ की यूनिट 1000 रुपये तक में खरीद सकेंगे। 

डेट मार्केट के विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि बॉन्ड ईटीएफ से निश्चित रूप से खुदरा निवेशकों को मदद मिलेगी और वे डेट मार्केट में दिलचस्पी ले सकेंगे और इसमें न्यूनतम जोखिम से बगैर जोखिम लिए मुनाफे का अनुमान लगा सकेंगे। 

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में नियत आय के प्रमुख बद्रीश कुलहल्ली ने कहा, 'खुदरा निवेशक उचित कीमत, खराब कीमत, उपार्जित ब्याज आदि जैसे शब्दजालों में उलझ जाते हैं। निवेशकों के लिए ईटीएफ म्युचुअल फंड जैसा है, जिसका एक साफ सुथरा एनएवी ढांचा है और एक्सचेंज में इसका कारोबार हो सकता है। यह कुछ ऐसा है, जिसे कोई व्यक्ति समझ सकता है।' कुलहल्ली ने कहा कि खुदरा निवेशकों के लिए निवेश आसान करने वाला कोई भी फैसला स्वागत योग्य कदम है। 

बयान में कहा गया है कि इस ईटीएफ में सरकारी कंपनियों या किसी सरकारी संगठन द्वारा जारी किए गए बॉन्ड होंगे और इनका शेयर बाजारों में कारोबार किया जा सकेगा, जिसकी वजह से ये सुरक्षित होंगे। इसकी एक यूनिट का अंकित मूल्य बहुत कम (1000 रुपये) रखा जाएगा ताकि आसान और कम पैसे के बॉन्ड बाजार उपलब्ध हो सके।  इससे खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ेगी, जो इस समय नकदी कम होने और तमाम बाधाओं की वजह से बॉन्ड बाजार में नहीं आते। बयान में कहा गया है कि यह निवेश बॉन्डों की तुलना में कर प्रभावी होगा। इन पर मामूली दर से कर लगेगा, जबकि बॉन्ड ईटीएफ पर इंडेक्सेशन के लाभ के साथ कर लगता है।

इस उत्पाद की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह पहला कॉर्पोरेट बॉन्ड ईटीएफ होगा, जिससे सरकारी कंपनियों व अन्य सरकारी संगठनों को अतिरिक्त धन मिल सकेगा। एडलवाइज एएमसी की सीईओ राधिका गुप्ता ने कहा, 'यह पूरी ततरह से उच्च गुणवत्ता के सार्वजनिक क्षेत्र के बॉन्ड होंगे। अब उधारी लेने वालों के पास समयावधि की लंबी सीमा मिलेगी और निवेशकों के पास डेट उत्पादों की पूरी रेंज होगी।' 

एके कैपिटल के एसोसिएट डायरेक्टर पंकज अग्रवाल ने कहा, 'पारदर्शिता, नकदी और निवेशकों की व्यापक हिस्सेदारी बॉन्ड ईटीएफ का मुख्य सिद्धांत है। यह जारीकर्ता व निवेशकों दोनों के लिए ही फायदेमंद होगा। भारत बॉन्ड ईटीएफ भारत के कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार में व्यापक बदलाव लाएगा।' 

केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (सीपीएसयू), केंद्रीय सार्वजनिक कंपनियां (सीपीएसई) केंद्रीय सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (सीपीएफआई) और अन्य सरकारी संगठनों के लिए इस ईटीएफ के माध्यम से धन जुटाना आसान होगा और इससे बेहतर मूल्य की तलाश में मदद मिलेगी। ईटीएफ इन इकाइयों द्वारा जारी बॉन्डों का बॉस्केट होगा। 

सरकार ने सरकारी इकाइयों के लिए डेट इश्यूएंस कैलेंडर लाने की योजना बनाई है। इस व्यापक डेट कैलेंडर से सीपीएसई की उधारी की जरूरतों का आकलन हो सकेगा जिसकी तैयारी व मंजूरी हर साल होगी। 

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