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कार्वी के खिलाफ सैट पहुंचे तीन बैंक

जश कृपलानी / मुंबई December 03, 2019

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड बैंक ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के डीमैट खाते से संबंधित क्लाइंटों को प्रतिभूतियां हस्तांतरित करने के नैशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (एनएसडीएल) कदम के खिलाफ प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) का दरवाजा खटखटाया। एक दिन पहले बजाज फाइनैंस ने इसी तरह के मामले में पंचाट का दरवाजा खटखटाया था। इन लेनदारों ने कार्वी को संयुक्त रूप से करीब 1,000 करोड़ रुपये उधार दिए हैं, जिसने इस कर्ज के लिए क्लाइंटों की प्रतिभूतियों का इस्तेमाल जमानत के तौर किया है।
 
एचडीएफसी बैंक के पास 470 करोड़ रुपये के गिरवी शेयर हैं, जो 300 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज के लिए है। बाजाज फाइनैंंस का कार्वी के पास 345 करोड़ रुपये बकाया है। अन्य लेनदारों के कर्ज का आकलन नहीं किया जा सका। लेनदारों के वकीलों ने गिरवी शेयर क्लाइंटों के खाते में वापस हस्तांतरित करने के एनएसडीएल के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बाजार नियामक सेबी का 22 नवंबर का आदेश यथास्थिति बनाए रखने के लिए था। एचडीएफसी बैंक के वकील ने कहा कि सैट को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और अब क्लाइंटों के खाते में हस्तांतरित प्रतिभूतियों से जुड़े लेनदेन को रोक देना चाहिए। वकील ने कहा, करीब 400 करोड़ रुपये के गिरवी शेयर स्वाहा हो गए।
 
वकीलों ने कहा कि क्लाइंटों के खाते में वापस शेयरों का हस्तांतरण सेबी के डिपॉजिटरी अधिनियम का उल्लंघन है। वरिष्ठ वकील सोमशेखर सुंदरेशन ने एनएसडीएल का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि डिपॉजिटरी ने सेबी के आदेश के मुताबिक कदम उठाया। साथ ही सेबी से संपर्क के बाद ही डिपॉजिटरी ने कदम बढ़ाया। उन्होंंने कहा, एनएसडीएल के रिकॉर्ड में कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग का खाता नॉन-हाउस खाता है, जो संकेत देता है कि यह ब्रोकर का खुद का खाता नहीं है। ऐसे में बैंकों को जागरूक रहना चाहिए कि यह क्लाइंटों का खाता है।
 
सैट के पीठ ने तमाम दलीलें सुनने के बाद बुधवार के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया। पंचाट ने हालांकि बजाज फाइनैंस के मामले में आदेश पारित किया, जहां ऐसे ही तर्क व जवाबी तर्क एक दिन पहले पेश किए गए थे। सैट ने सेबी के पूर्णकालिक सदस्य को बजाज फाइनैंस की व्यक्तिगत सुनवाई करने और 10 दिसंबर तक आदेश पारित करने को कहा है। सैट ने पाया कि सेबी के आदेश से बजाज फाइनैंस के अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ा। ट्रिब्यूनल ने कार्वी के डीमैट खाते से क्लाइंटों के खाते में और प्रतिभूतियां हस्तांतरित करने पर रोक लगा दी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पंचाट अन्य लेनदारों के मामले में ऐसा ही आदेश पारित कर सकता है।
 
लाइसेंस निलंबन पर सैट पहुंची कार्वी
 
कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग ने ब्रोकिंग लाइसेंस निलंबित करने के एनएसई के फैसले के खिलाफ सैट मेंं एक और याचिका दाखिल की है। कार्वी के वकील विक्रम ननकानी ने वैसे समय में ब्रोकरेज की सदस्यता निलंबित करने के एक्सचेंज के फैसले पर सवाल उठाया है जब सेबी के 22 नवंबर के अंतरिम आदेश में इस तरह का कोई निर्देश नहींं दिया गया है। वकील ने कहा कि कार्वी की सदस्यता निलंबित करना उसके मौजूदा क्लाइंटों के लिए नुकसानदायक है। इस मामले का निपटारा करते हुए सैट ने कार्वी को एनएसई की अनुशासन समिति से संपर्क करने को कहा है।
Keyword: Karvy Corporate, SEBI, bank, HDFC, ICICI, indusind,,
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