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महाराष्ट्र में अभी थमा नहीं राजनीतिक भूचाल

सुशील मिश्र /  December 02, 2019

महाराष्ट्र की सत्ता हाथ से निकलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में एक आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए स्वयं को तैयार करने में शिद्दत से जुटी थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम ने सत्ताधारी दलों को ही भाजपा पर हावी होने का मौका थमा दिया है। दूसरी तरफ भाजपा की पंकजा मुंडे के तेवर ने भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। भाजपा नेता अनंत हेगड़े के बयान के बाद राज्य में राजनीति गर्म हो गई है। हेगड़े ने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस ने बतौर मुख्यमंत्री 15 घंटों में 40,000 करोड़ रुपये केंद्र को वापस कर दिए। हेगड़े ने यह भी कहा था कि शिवसेना गठबंधन इस रकम का बेजा इस्तेमाल कर सकता था, जिसके मद्देनजर फडणवीस ने यह कदम उठाया था। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। 
 
शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र के साथ गद्दारी की है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्य से दुश्मनी निकालने के लिए फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया था, जिसके लिए राज्य की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता नवाब मलिक ने हेगड़े के बयान के बाद फडणवीस के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। मलिक ने कहा, 'यह केवल महाराष्ट्र का मामला नहीं है, बल्कि सभी राज्यों के लिए यह खतरे की घंटी है। केंद्र की दोहरी नीति की पोल उसके सांसद ने खोल दी है। प्रधानमंत्री को इस पूरे मामले पर सफाई देनी चाहिए और सभी राज्यों से माफी मांगनी चाहिए।'
 
हालात बिगड़ते देख फडणवीस इस बयान पर सफाई देने के लिए आगे आए। उन्होंने कहा कि दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लिया था। उन्होंने कहा, 'भाजपा और उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। मैं इस बयान से बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि केंद्र ने राज्य के लिए जो रकम भेजी थी, उन्होंने वह वापस कर दी। मैं कुछ दिन के लिए कार्यवाहक मुख्यमंत्री था और उस दौरान मैंने कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिए।' बुलेट परियोजना के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल जमीन अधिग्रहण में उनकी भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र से कोई रकम नहीं मिली थी और ना ही राज्य का इस परियोजना में कोई योगदान है। फडणवीस ने कहा कि राज्य का वित्त विभाग चाहे तो पूरे मामले की जांच करा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में बयान देने वाले और इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं लुटाने वाले दोनों ही गलत हैं। 
 
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन समेत राज्य में चल रही सभी विकास परियोजनाओं की समीक्षा के आदेश दिए हैं। बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा जिनकी भूमि अधिग्रहित की जानी है। ठाकरे ने रविवार देर रात कहा, 'यह सरकार आम आदमी की है। हां, हम बुलेट ट्रेन (परियोजना) की समीक्षा करेंगे। क्या मैंने आरे कार शेड की तरह बुलेट ट्रेन परियोजना को रोका है? नहीं।' ठाकरे ने बताया कि उनकी सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र भी लाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है लेकिन वह किसानों का बिना शर्त कर्ज माफ करने को लेकर प्रतिबद्ध है। विधानमंडल में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री ठाकरे को शपथ लेते समय संविधान के नियामों का पालन न करने का आरोप लगाया, ठाकरे ने शपथ लेते समय छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लिया था जवाब में मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि शिवाजी महाराज हमारे दैवत्य है मैंने उनका नाम लेकर गलत किया तो ऐसी गलती मैं दस जन्म में भी करुंगा। हिन्दुत्व के मुद्दे पर सफाई देते हुए ठाकरे ने कहा कि शिवसेना हिन्दुत्व को कभी नहीं छोड़ सकती है अब भाजपा को विपक्ष में बैठने की आदत डाल लेनी चाहिए। 
 
इस बीच, भाजपा में फूट पडऩे की अटकलें तेज हो गई हैं। इसकी शुरुआत भाजपा नेता पंकजा मुंडे के फेसबुक पोस्ट से हुई है। मामला तब और गहरा गया जब पंकजा ने ट्वीटर में अपने ट्वीटर बायो में भाजपा का नाम हटा दिया। पंकजा ने फेसबुक पर लिखा था कि वह अगले कुछ दिनों में आगे का रास्ता चुनने पर निर्णय ले लेंगी। उन्होंने लिखा, 'बदले परिवेश में अपनी ताकत को समझना जरूरी है। मुझे 8 से 10 दिनों तक चिंतन करना है और 12 दिसंबर को आप सभी से पुन: संवाद करूंगी।' पंकजा को विधानसभा चुनाव में परली विधानसभा सीट पर अपने चचेरे भाई धनंजय मुंडे से हार का सामना करना पड़ा था। उनके समर्थक हार के लिए फडणवीस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि पंकजा शिवसेना का दामन थाम सकती हैं। शिवसेना नेता संजय राउत के एक बयान से इन अटकलों को और तेजी मिल गई है। राउत ने कहा कि भाजपा के 10 से 12 नेता उनकी पार्टी के संपर्क में हैं और वे जल्द शिवसेना आ सकते हैं। हालांकि महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने ऐसी अटकलों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि पंकजा भाजपा की जिम्मेदार नेता हैं और वह पार्टी छोड़ कर कहीं नहीं जाएंगी। 
Keyword: maharashtra, BJP, shivsena, congress, NCP,,
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