बिजनेस स्टैंडर्ड - निजीकरण योजना के साथ सरकार
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निजीकरण योजना के साथ सरकार

अरूप रॉयचौधरी / नई दिल्ली 12 02, 2019

बिकेंगी सरकारी कंपनियां

ईवाई और दीपम के अधिकारियों ने एयर इंडिया के निजीकरण के लिए हाल में मुंबई, सिंगापुर और लंदन में किए 5 रोड शो
1.05 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में बीपीसीएल की बिक्री अहम
बीपीसीएल से खजाने में आ सकते हैं 75,000 करोड़ रुपये

बिजनेस स्टैंडर्ड निजीकरण योजना के साथ सरकारनरेंद्र मोदी सरकार एयर इंडिया, भारत पेट्रोलियम, कॉनकॉर और शिपिंग कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी कंपनियों की 'रणनीतिक बिक्री' के रुख से नहीं हटी है, भले ही स्वदेशी जागरण मंच जैसे उससे जुड़े संगठन इस कदम का विरोध और उसकी लगातार आलोचना कर रहे हैं। सोमवार को एक शीर्ष अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह साफ किया है कि टीएचडीसी और नीपको को छोड़कर सभी अन्य कंपनियों का निजीकरण किया जाएगा और उन्हें निजी कारोबारियों को बेचा जाएगा। आशय स्पष्ट है, सीसीईए ने इसकी मंजूरी दे दी है और हम इस प्रक्रिया की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।' 

निवेश एवं सार्वजनिक उद्यम विभाग बीपीसीएल, कॉनकोर और शिपिंग कॉर्पोरेशन के लिए लेन देन और कानूनी सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया में है। मिल रही जानकारी के मुताबिक बीपीसीएल और कॉनकॉर के लिए डेलॉयट को लेन देन सलाहकार नियुक्त किया गया है। बीपीसीएल के निजीकरण के लिए जे सागर एसोसिएट्स को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है, वहीं कॉनकॉर के लिए लूथरा ऐंड लूथरा को नियुक्त किया गया है। सूत्रों ने कहा कि शिपिंग कॉर्पोरेशन के लिए नियुक्ति पर अगला फैसला होना है। 

अधिकारियों ने कहा कि नियुक्तियां इस बात का संकेत है कि नौकरशाही केंद्र की प्रतिबद्धता की दिशा में आगे बढ़ रही है। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा, 'इस तरह के सभी लेनदेन राजनीति शोर से जुड़े हैं। हमारा लक्ष्य तय प्रक्रिया का पालन और यह सुनिश्चित करना है कि सरकार को इन सौदों से संभावित बेहतर मूल्य मिल सके।' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने सरकारी उपक्रमों के रणनीतिक विनिवेश के मोदी सरकार के फैसले को अविवेकी कारोबारी फैसला करार दिया है, जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है। 

इस माह की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि नरेंद्र मोदी सरकार भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), द कंटेनर कॉर्पोरेशन आफ इंडिया (कॉनकॉर) और शिपिंग कॉर्पोरेशन आफ इंडिया सहित 5 सरकारी उपक्रमों की रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री करेगी और इन फर्मों के प्रबंधन के नियंत्रण का हस्तांतरण किया जाएगा। स्वदेशी जागरण मंच ने हरिद्वार में आयोजित अपने राष्ट्रीय सम्मेलन में बीपीसीएल और एयर इंडिया जैसी कंपनियों के रणनीतिक विनिवेश पर सवाल उठाया। मंच ने मांग की थी कि नीति आयोग की विनिवेश पर रिपोर्ट को खारिज किया जाना चाहिए और सरकारी कंपनियों के मूल्य व उनकी जरूरत पर नए सिरे से आकलन करने की जरूरत है। 

मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा, 'सरकारी उपक्रमों का रणनीतिक विनिवेश न सिर्फ अविवेकी कारोबारी फैसला है, बलिल्क यह राष्ट्रीय हित के भी खिलाफ है।'  उन्होंने कहा, 'यह न सिर्फ भारत के लोगों को खारिज करने वाला है, जो सरकारी उपक्रमों के असल मालिक हैं, बल्कि इनके संभावित खरीदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने वाला फैसला है।' पिछले महीने मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बीपीसीएल, शिपिंग कॉर्पोरेशन, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और नीपको लिमिटेड में केंद्र की पूरी हिस्सेदारी बेचने और कंटेनर कॉर्पोरेशन में बहुलांश हिस्सेदारी बेचने और इन कंपनियोंं का प्रबंधन छोड़ देने का फैसला किया था। 
Keyword: disinvest, BPCL, air india, narendra modi,,
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