बिजनेस स्टैंडर्ड - नवंबर में जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के पार
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नवंबर में जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के पार

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 12 01, 2019

वस्तु एवं सेवा कर संग्रह में सुधार

पिछले दो महीनों में जीएसटी संग्रह घटने के बाद नवंबर में 1.03 लाख करोड़ रुपये हुई वसूली
जुलाई 2017 के बाद से आठवां मौका है जब जीएसटी एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा
विश्लेषकों ने कहा, अक्टूबर में त्योहारी महीना होने की वजह से जीएसटी में इजाफा

बिजनेस स्टैंडर्ड नवंबर में जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के पारत्योहारी मांग और कर चोरी रोकने के उपायों से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सुधरकर नवंबर में एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। पिछले दो महीने संग्रह में गिरावट आने के बाद नवंबर में वित्त मंत्रालय की ओर से आज जारी आंकड़ों के अनुसार जीएसटी संग्रह पिछले साल के सितंबर की तुलना में 6 फीसदी बढ़कर 1.03 लाख करोड़ रुपये रहा। अक्टूबर 2019 में 95,380 करोड़ रुपये जीएसटी संग्रह हुआ था। राजस्व में कमी से जूझ रही सरकार के लिए जीएसटी संग्रह में वृद्धि निश्चित तौर पर राहत की खबर है। सरकार ने जीएसटी संग्रह का मासिक लक्ष्य 1.18 लाख करोड़ रुपये तय किया है।

त्योहारी मौसम होने से घरेलू स्तर पर जीएसटी संग्रह 12 फीसदी बढ़ा है जो इस साल सर्वाधिक है। हालांकि आयात से जीएसटी वसूली अब भी ऋणात्मक बनी हुई है।  जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद यह आठवां मौका है जब जीएसटी का मासिक संग्रह एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। इसके साथ ही नवंबर 2019 में सरकार को जीएसटी से अब तक का तीसरा सबसे ज्यादा राजस्व मिला है। पीडब्ल्यूसी इंडिया में पार्टनर प्रतीक जैन ने कहा कि जीएसटी संग्रह में वृद्धि उत्साहजनक है लेकिन केवल एक महीने के आंकड़ों से किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जजा सकता, खासतौर पर त्योहारी महीने के आंकड़ों से। 

प्रतीक जैन कहा, 'हमें यह देखना होगा कि रुझान कैसा है। सरकार ने अनुपालन को सरल बनाने के लिए सही दिशा में कई कदम उठाए हैं। इसके साथ ही अगले साल से ई-इनवॉयसिंग भी लागू करने जा रही है। इससे जीएसटी संग्रह में धीरे-धीरे इजाफा हो सकता है। हालांकि यह अर्थव्यवस्था की स्थिति पर निर्भर करेगा।' नवंबर में केंद्रीय जीएसटी संग्रह 19,592 करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर में 17,582 करोड़ रुपये था। राज्य जीएसटी संग्रह 27,144 करोड़ रुपये रहा। एकीकृत जीएसटी संग्रह 49,028 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले महीने 46,517 करोड़ रुपये रहा था।

टैक्समैन के डीजीएम विशाल रहेजा ने कहा, 'अक्टूबर में त्योहारी महीना होने की वजह से राजस्व संग्रह बढ़ा है। इसके अलावा नए प्रावधान के तहत जीएसटीआर-2ए में अधिकतम आईटीसी के तौर पर केवल बिल के 120 फीसदी क्रेडिट की ही अनुमति दी गई है, जिससे संग्रह में इजाफा हुआ है।'

राजस्व चोरी रोकने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था कि है जिसमें आपूर्तिकर्ताओं द्वारा संबंधित बिलों को अपलोड नहीं करने की स्थिति में इनपुट कर क्रेडिट को 20 फीसदी तक सीमित करने का निर्णय किया है।पिछले महीनों में उम्मीद से कम कर संग्रह से सरकार को राज्यों के राजस्व में आई कमी की भरपाई करने का भी दबाव बढ़ रहा है। मुआवजा उपकर संग्रह नवंबर में 7,727 करोड़ रुपये रहा जबकि मासिक आधार पर राज्यों को करीब 13,000 करोड़ रुपये का भुगतान हो रहा है। अगस्त और सितंबर में मुआवजा भुगतान में देरी की वजह से भी राज्य सरकार केंद्र पर दबाव बना रही है।

चालू वित्त वर्ष में सरकार को करीब 2 लाख करोड़ रुपये कम कर राजस्व मिलने का अंदेशा है। सरकार ने जीएसटी राजस्व बढ़ाने के उपाय तलाशने के लिए अक्टूबर में केंद्र और राज्यों के अधिकारियों वाली 12 सदस्यीय समिति का गठन किया है। वित्त वर्ष 2020 में केंद्रीय जीएसटी में 16 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आगामी बजट में कम किया जा सकता है। चालू वित्त वर्ष के लिए अंतरिम बजट में 6.1 लाख करोड़ केंद्रीय जीएसटी संग्रह का लक्ष्य रखा गया था जिसे बजट में कम कर 5.26 लाख करोड़ रुपये किया जा चुका है। डेलॉयट इंडिया में पार्टनर एमएस मणि ने कहा कि त्याहारी महीने में जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है, उम्मीद है कि आने वाले महीनों में भी यह रुझान बना रह सकता है। नवंबर में कुल 77.83 लाख जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल किया गया।

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