बिजनेस स्टैंडर्ड - नीति-नवोन्मेष के बिना फीकी पड़ी आभूषण उद्योग की चमक
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, December 15, 2019 04:51 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

नीति-नवोन्मेष के बिना फीकी पड़ी आभूषण उद्योग की चमक

राजेश भयानी / मुंबई December 01, 2019

देश में आभूषणों और निवेश के लिए सोने की मांग वर्ष 2010 में 1,001 टन थी। उस समय चीन में सोने की मांग 676 टन थी। चीन में वर्ष 2018 में इस पीली धातु की मांग बढ़कर 1,058 टन पर पहुंच गई, जबकि भारत में मांग घटकर 760 टन पर आ गई। भारत में वर्ष 2019 में सोने की मांग और घटने के आसार हैं। ये तथ्य विश्व स्वर्ण परिषद (डल्यूजीसी) के आंकड़े बयां करते हैं। एशिया की इन दो सबसे बड़े देशों की स्वर्ण अर्थव्यवस्थाओं में यह नाटकीय बदलाव केवल मांग तक सीमित नहीं है। चीन विश्व का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक भी है। वहीं भारत एक बड़ा उपभोक्ता होने के बावजूद वैश्विक कीमतों को प्रभावित नहीं कर सकता है। भारतीय सूचकांक पर आधारित सोने की कीमतों का आधा दशक पहले का सपना आज भी सपना ही है। 
 
यह अंतर दोनों देशों में आभूषण उद्योग के विकसित होने के तरीके की वजह से है। भारत में पिछले दशक में आभूषणों की सालाना मांग औसतन 609 टन रही है, जबकि चीन में मांग 737 टन रही है। भारत में वैवाहिक मांग लगभग स्थिर बनी हुई है। फिर भी चीन भारत से आगे कैसे निकल गया, यह बड़ा सवाल है।  डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक (भारत) सोमसुंदरम पीआर ने कहा, 'चीन में अनुकूल नीतियों एवं बुनियादी ढांचे और उद्योग के नवोन्मेष पर ध्यान देने से मांग बढ़ी है। भारत में भी चालू खाते के खाते को प्रभावित किए बिना ऐसा हो सकता है, लेकिन उसके लिए प्रभावी नीतिगत ढांचा होना जरूरी है।'
 
चीन का बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सबसे बड़ा कदम वर्ष 2002 में शांघाई गोल्ड एक्सचेंज की स्थापना करना था। चीन में खनन एवं उत्पादन होने वाले 400 टन समेत पूरा सोना एक्सचेंज के जरिये बेचा जाएगा। वर्ष 2014 में इस कारोबारी प्रणाली का विस्तार किया गया। उस समय शांघाई इंटरनैशनल गोल्ड एक्सचेंज मुक्त व्यापार क्षेत्र में स्थापित किया गया, जिससे उद्योग के लिए वैश्विक तंत्र तैयार हुआ। चार साल पहले आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव शक्तिकांत दास (अब केंद्रीय बैंक के गवर्नर) ने गोल्ड एक्सचेंज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद वित्त मंत्रालय में कई बैठकें हुईं और नीति आयोग ने फरवरी 2018 में  एक रिपोर्ट सौंपी। लेकिन तब से कुछ नहीं हुआ है। सराफों ने मांग बढ़ाने के लिए नवोन्मेष पर ध्यान दिया है। एक स्वतंत्र कीमती धातु सलाहकार फर्म मेटल्स फोकस में वरिष्ठ शोध सलाहकार (दक्षिण एशिया) चिराग सेठ ने कहा, 'चीन ने वास्तव में नवोन्मेष और युवाओं के लिए उत्पाद पेश करके भारतीय सराफों पर बढ़त हासिल की है। भारत का आभूषण बाजार मुख्य रूप से वैवाहिक बाजार तक सीमित है।'
 
ऐसा ही एक चीनी नवोन्मेष 'मिरर गोल्ड' है, जिसकी सतह चिकनी और चमकीली है और इसे युवा ग्राहकों के बीच बहुत पसंद किया जा रहा है। चीन ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो सोने को सख्त बना देती है। सोना नरम धातु है, जिसमें गहने बनाने के लिए अन्य धातु मिलानी पड़ती हैं। चीन में इस नवोन्मेष से ज्यादा शुद्धता के सोने के गहने बनाना संभव हुआ है। भारत में 999 या 995 शुद्धता के ही सोने के गहने नहीं बनते हैं। सबसे सफल नवोन्मेष 3डी प्रिंटेड 'सख्त सोने' का बाजार है, जो 1-2 ग्राम के सोने के बाजार की मांग पूरी करता है। भारतीय सराफों के पास युवा ग्राहकों की जरूरत पूरी करने वाले उत्पाद मुश्किल से ही हैं। भारत में अब बहुत कम युवा महिलाएं साड़ी पहनती हैं। इस उम्र की कर्मचारी हल्के गहनों को प्राथमिकता देती हैं। यही वजह है कि भारत में प्लैटिनम और चांदी के गहनों  का आयात बढ़ रहा है।
Keyword: jewellery, gold, import, export,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बैंकों की तरह सख्त नियम से एनबीएफसी में बढ़ेगी जवाबदेही?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.